गोंदिया में शिफा दूध डेअरी पर छापा, हजारों किलो बासी मावा-मिठाई जमीन में दफन
जिला स्तरीय दूध मिलावट रोकथाम समिति ने कुडवा के लोहिया पार्क इलाके की डेअरी में जांच की। फफूंद लगे और बदबूदार दुग्ध उत्पाद मिले, सात घरेलू गैस सिलेंडर और एक बिना प्रमाणपत्र का तराजू जब्त हुआ।
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गोंदिया जिला प्रशासन ने लोगों की सेहत के लिए खतरा बनने वाली और खाद्य सुरक्षा नियम तोड़ने वाली दुकानों और संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसी के तहत जिला स्तरीय दूध मिलावट रोकथाम समिति की टीम ने 13 अक्टूबर को कुडवा के लोहिया पार्क इलाके में स्थित शिफा दूध डेअरी की जांच की और कार्रवाई की।
जांच में बड़ी मात्रा में फफूंद लगे, बदबूदार और इंसानों के खाने के लिए ठीक न पाए गए दुग्ध उत्पाद मिले। जब्त किया गया हजारों किलो माल शहर के बाहर गड्ढा खोदकर दफन कर दिया गया। इसके अलावा बिना मान्यता वाले तराजू और घरेलू गैस सिलेंडर के कमर्शियल इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई हुई।
यह मुहिम समिति के अध्यक्ष और अपर जिलाधिकारी अभिजीत घोरपडे के मार्गदर्शन में चलाई गई। इसमें दुग्धव्यवसाय विकास विभाग, अन्न एवं औषधि प्रशासन, वैधमापन शास्त्र विभाग, आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमें शामिल थीं।
डेअरी की जांच में पनीर, खवा, कुंदा, रसगुल्ले और पेढे जैसे दुग्ध उत्पाद और मिठाई बनाने की जगह पर भारी गंदगी मिली। माल रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले कोल्ड स्टोरेज की दीवारों पर काली और हरी फफूंद जमी हुई थी। परिसर में बदबू फैली थी, जमीन पर अनाज बिखरा था, कच्चा माल खुले में रखा था और बर्तन गंदे पड़े थे।
जांच टीम ने यह भी देखा कि रसगुल्ले के एक डिब्बे में मरा हुआ कीड़ा या मक्खी पड़ी थी। इससे खाने की चीजों की सफाई पर गंभीर सवाल खड़े हुए। इंसानी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकने वाले ये पदार्थ जब्त कर नष्ट कर दिए गए।
जांच के दौरान डेअरी में दूध की खरीद या बिक्री की कोई आधिकारिक रसीद, रजिस्टर या संबंधित रिकॉर्ड नहीं मिला। यानी दूध के लेन-देन की जरूरी एंट्री ही मौजूद नहीं थी। इस मामले में संबंधित विभागों की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वैधमापन शास्त्र विभाग की जांच में डेअरी में ऐसा तराजू इस्तेमाल होता मिला जिसके पास सरकारी मान्यता का प्रमाणपत्र नहीं था। ग्राहकों को सही वजन में सामान मिलना जरूरी है, लेकिन नियम का उल्लंघन होने से यह तराजू जब्त कर लिया गया। इस मामले में वैधमापन कानून के तहत अपराध दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
टीम को यह भी पता चला कि डेअरी में मिठाई और दुग्ध उत्पाद बनाने के लिए कमर्शियल गैस की जगह घरेलू इस्तेमाल के लाल रंग के गैस सिलेंडर लगाए जा रहे थे। इसके बाद आपूर्ति विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सात घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए। आपूर्ति विभाग ने डेअरी चालक के खिलाफ अपराध भी दर्ज किया है।
जब्त किए गए हजारों किलो दुग्ध उत्पाद पिकअप गाड़ी से शहर के बाहर एक सुनसान जगह ले जाए गए। वहां जेसीबी से गहरा गड्ढा खोदकर उन्हें दफन कर नष्ट किया गया। यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी अभिजीत घोरपडे की मौजूदगी में और संबंधित विभागों के अधिकारियों की भागीदारी से हुई।
इस दौरान दुग्धशाला व्यवस्थापक प्रशांत बोरसे, सहायक आयुक्त अमृता शिर्के, ओंकार लांजेवार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी चैतन्य नानोटे, आपूर्ति विभाग के श्री. काळे, जयदीप वाघ और अभिषेक गौर, वैधमापन निरीक्षक संजय कांबळे के साथ पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।