कसाब बने ललित प्रभाकर का सीन देख भड़के उज्ज्वल निकम, बोले थप्पड़ मारने का मन हुआ
26/11 के हमले पर बनी फिल्म 'प्रहार' में अजमल कसाब का किरदार निभाने वाले ललित प्रभाकर की अदाकारी पर सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने खुलकर बात की।
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26/11 के हमले पर बनी फिल्म 'प्रहार' हाल ही में थिएटर में आई है और खूब चर्चा में है। फिल्म में सरकारी वकील उज्ज्वल निकम का किरदार राजकुमार राव ने निभाया है। सबसे मुश्किल रोल अजमल कसाब का था, जो मराठी कलाकार ललित प्रभाकर ने किया है।
ललित ने कसाब को इतना असली बना दिया है कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सवाल यह था कि खुद उज्ज्वल निकम को इस रोल के बारे में क्या लगा। उन्होंने एक इंटरव्यू में अपनी बात रखी, जो अब हर तरफ वायरल हो रही है।
निकम ने साफ कहा, "सॉरी, पर मैं ललित प्रभाकर को पहले जानता नहीं था। मैंने उसका पहले का काम देखा नहीं था।" लेकिन जब उन्होंने ललित को कसाब के रूप में देखा, तो वे हैरान रह गए। उनके मुताबिक, "मेरे जितना करीब से कसाब को किसी ने नहीं देखा। मैं उसे रोज कोर्ट में देखता था। उसकी चाल, उसकी बोली, उसकी हंसी मैंने नजदीक से देखी है। इसलिए ललित ने कसाब कैसे किया है, यह मैं तुरंत समझ गया। उसने बिल्कुल हूबहू काम किया है।"
निकम ने ललित की एक खास बात की तारीफ भी की। वे बोले, "अक्सर मराठी लड़कों को हिंदी बोलने में दिक्कत आती है। पर ललित ने कसाब की वह गंभीर आवाज, वह चालाक नजर, वह क्रूरता, सब कुछ जस का तस खड़ा कर दिया है। उसकी हंसी तो बिल्कुल कसाब जैसी लगती है।"
एक किस्सा सुनाते हुए निकम ने कहा, "वह हमारे ही इलाके का है। मैं जलगांव का हूं और वह धुले का, खान्देश का लड़का है। इसलिए मुझे उस पर गर्व है। मैं उसके मुंह पर यूं ही तारीफ नहीं कर रहा, जो सच है वही बता रहा हूं।" फिल्म का एक सीन बताते हुए निकम भावुक हो गए।
उन्होंने कहा, "फिल्म में एक सीन है जहां वह एक छोटी बच्ची और उसकी मां पर गोली चलाता है। वह सीन देखते हुए मुझे सच में लगा कि उठकर जाऊं और ललित को थप्पड़ मार दूं। इतना गुस्सा आया। और यही उसके काम का असली सर्टिफिकेट है।" निकम ने आगे कहा, "जिस कलाकार की एक्टिंग देखकर आपको उस पर गुस्सा आए, गुस्सा चढ़े, समझ लीजिए उसने अपना काम 100 प्रतिशत किया है।"
ललित प्रभाकर इससे पहले जुगाड़ और मीडियम स्पायसी जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं, पर कसाब जैसा नेगेटिव रोल उन्होंने पहली बार किया है। इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की। उन्होंने कसाब के वीडियो देखे और उसके बोलने का तरीका सीखा।
'प्रहार' की वजह से ललित अब सिर्फ मराठी में नहीं, हिंदी में भी चर्चा में हैं। उज्ज्वल निकम जैसी बड़ी शख्सियत का उनकी तारीफ करना उनके लिए बहुत बड़ी बात है। कई दर्शक कह रहे हैं कि 26/11 का वह काला दिन हम भूल नहीं सकते और यह फिल्म उन जख्मों को फिर ताजा कर देती है।