कर्जत के साय डोंगर पर राज ठाकरे का दौरा, जलविद्युत प्रोजेक्ट पर शाम को जनसभा
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रायगड के कर्जत में प्रस्तावित जलविद्युत प्रोजेक्ट के खिलाफ मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने साय डोंगर का दौरा किया और शाम को सभा करेंगे।
रायगड जिले के कर्जत में प्रस्तावित जलविद्युत प्रोजेक्ट के खिलाफ मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने इस मामले में आक्रामक रुख अपनाया है। आज शाम कर्जत में उनकी बड़ी जनसभा होने वाली है। उन्होंने पर्यावरण प्रेमियों से सभा में आने की अपील की है और अपने अंदाज़ में सरकार को इशारा दिया है कि वह देखेंगे, यह सरकार इस प्रोजेक्ट को कैसे बाध्यकारी बनाती है।
बुधवार को राज ठाकरे ने कर्जत का दौरा किया और सह्याद्रि का हिस्सा माने जाने वाले साय डोंगर का मुआयना किया। कुछ दिन पहले वहां के ग्रामीणों ने उनसे मुलाकात कर उन्हें आने की गुज़ारिश की थी। उसी गुज़ारिश को मानते हुए वह पहुंचे। दौरे के साथ-साथ शाम को वहां उनकी सभा भी होगी।
सुबह के दौर में राज ठाकरे ने स्थानीय लोगों से बातचीत की। उनकी भावनाएं सुनने के बाद उन्होंने पर्यावरण प्रेमियों को शाम की सभा में आने के लिए कहा। स्थानीय लोगों को उन्होंने भरोसा दिलाया कि आप शाम को सभा में आइए, यह प्रोजेक्ट कैसे बाध्यकारी बनाया जाता है, वह देखेंगे।
इस मामले की पृष्ठभूमि यह है कि कर्जत-भीमाशंकर इलाके में पेड़ों की कटाई के कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। उसके बाद आम नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में गुस्सा फैल गया। एक प्राइवेट कंपनी के लिए सैकड़ों साल पुराने पेड़ काटने के केंद्र और राज्य सरकार के आदेश के खिलाफ लोगों का आक्रोश सामने आया। उनकी तरफ से यह भी कहा जा रहा था कि राज्य में सूखे का साया है, ऐसे में इस तरह के प्रोजेक्ट चलाकर पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
प्रोजेक्ट की बात करें तो गुजरात की टॉरेंट पावर कंपनी का प्रस्तावित जलविद्युत ऊर्जा स्टोरेज प्रोजेक्ट साई डोंगर इलाके में बनाया जाना है। इसकी अनुमानित लागत करीब 13 हजार 500 करोड़ रुपये और क्षमता 3 हजार मेगावॉट है। इसके लिए तीन लाख से ज़्यादा पेड़ काटे जाएंगे। आशंका जताई जा रही है कि इसके गंभीर पर्यावरणीय नतीजे हो सकते हैं और पक्षियों व वन्यजीवों का प्राकृतिक ठिकाना खत्म हो सकता है।
पहाड़ की ढलान पर मिट्टी का संरक्षण, पानी का प्राकृतिक बहाव, पारंपरिक खेती और पर्यटन पर भी असर पड़ने की संभावना है। पर्यावरणवादियों ने सवाल उठाया है कि विकास के नाम पर कर्जत-भीमाशंकर के प्राकृतिक संसाधन क्यों खत्म किए जा रहे हैं।
अब सबकी नज़र राज ठाकरे की सभा पर है कि वह अपने ठाकरी अंदाज़ में इस मुद्दे पर सरकार को कैसे घेरते हैं। अमित ठाकरे भी उनके साथ हैं। उनके चचेरे भाई और विधायक आदित्य ठाकरे ने सोमवार को इस जगह का दौरा किया था और राज्य सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर पर्यावरण का नुकसान हुआ तो उनसे सामना होगा। ठाकरे बंधुओं के साथ महायुति के कुछ स्थानीय विधायकों ने भी इस प्रोजेक्ट का विरोध करना शुरू कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या फैसला लेती है।
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