कारंजा-मानोरा में सूखे से निपटने की तैयारी रखें, विधायक सई डहाके ने अफसरों को दिए निर्देश
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारंजा मानोरा की विधायक सई डहाके ने सोमवार की समीक्षा बैठक में पानी और चारे की किल्लत पर अफसरों को तुरंत कदम उठाने को कहा।
कारंजा और मानोरा तालुका में सूखे जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन को तुरंत उपाय करने के लिए तैयार रहना होगा। कारंजा मानोरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक सई डहाके ने दोनों तालुकों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया।
यह बैठक सोमवार को कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सभागार में रखी गई थी। मौजूदा सूखे के हालात में पानी की सप्लाई, पानी की किल्लत और जानवरों के चारे की कमी जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
बैठक में विधायक सई डहाके के साथ देवव्रत डहाके मौजूद थे। उपविभागीय अधिकारी कैलास देवरे, कारंजा के तहसीलदार रवी महाले, मानोरा के तहसीलदार राजेंद्र पाटील, खंड विकास अधिकारी पूनम राणे, कृषि अधिकारी अश्विनी भोसले और पशुधन विकास उपायुक्त डॉ. रवी ठाकरे भी आए थे। इनके अलावा अलग-अलग विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि मुसीबत के वक्त आम नागरिकों और किसान भाइयों को राहत मिलनी चाहिए। किसी भी गांव में पानी या चारे की कमी महसूस न हो, इसके लिए प्रशासन फुर्ती से काम करे। उन्होंने साफ कहा कि इसमें किसी को भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। लोगों की दिक्कतें दूर करने और संकट के समय उनके साथ मजबूती से खड़े रहने की हिदायत भी उन्होंने मौजूद अधिकारियों को दी।
बैठक में डहाके ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से सूखे को लेकर किए जा रहे उपायों का ब्योरा लिया। गांव-गांव के हिसाब से पानी की किल्लत, टैंकर से पानी की सप्लाई, मौजूद जलसंग्रह और जानवरों के लिए चारे की उपलब्धता पर चर्चा हुई। इसके बाद जरूरी उपायों की योजना बनाने के निर्देश दिए गए।
उधर बुलढाणा में भी संभावित सूखे और पानी की किल्लत से निपटने की प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा हुई। इसके लिए बुधवार को धाड़ में विधायक श्वेता महाले की अध्यक्षता में खास समन्वय बैठक हुई। समीक्षा के दौरान अलग-अलग विभागों के नियोजन में कमियां और आपसी तालमेल की कमी सामने आई। इस पर विधायक महाले ने अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई।
उस बैठक में पीने के पानी का नियोजन, गांवों में पानी की सप्लाई, जलस्रोतों की उपलब्धता और जानवरों के लिए चारा-पानी पर बात हुई। संभावित सूखे की हालत में किसानों और आम नागरिकों को दी जाने वाली मदद का मुद्दा भी चर्चा में रहा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।