आकाश कंदील से NCC विद्यार्थियों ने दिया जल संवर्धन का संदेश
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वाशिम के श्री बाकलीवाल विद्यालय में जल संरक्षण अभियान के तहत आकाश कंदील स्पर्धा हुई, जिसमें 83 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
वाशिम, 6 नवंबर: महाराष्ट्र सरकार के मृदा और जल संरक्षण विभाग की ओर से कार्यकारी अभियंता हरेंद्र वाघमारे के मार्गदर्शन में जिले में जल संवर्धन को लेकर कई जागरूकता कार्यक्रम चल रहे हैं। जल संरक्षण अभियान 21 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चल रहा है। इसका मुख्य मकसद जलस्रोतों को बचाने, पानी का किफायत से इस्तेमाल करने, मिट्टी को सहेजने और बारिश के पानी का सही नियोजन करने की जागरूकता पैदा करना है।
इस अभियान में हाथ बंटाते हुए श्री बाकलीवाल विद्यालय और उच्च माध्यमिक विद्यालय में NCC अधिकारी अमोल काळे की पहल पर "आज के जल संवर्धन उपाय और पानी की बचत" विषय पर आकाश कंदील स्पर्धा हुई। इसमें 83 विद्यार्थियों ने अपने मन से हिस्सा लिया और हुनर के साथ सामाजिक और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी दिखाई।
बच्चों ने रंग-बिरंगे कागज से आकर्षक आकाश कंदील बनाए। इनके जरिए पानी की बचत, मिट्टी का संरक्षण, जल संरक्षण, बारिश के पानी का संकलन, खेत तालाब, बांध, जलग्रहण क्षेत्र विकास, पेड़ लगाना और पर्यावरण की रक्षा जैसे मुद्दों पर असरदार संदेश पेश किए गए। "आज का संवर्धन, कल का सुरक्षित भविष्य" और "पानी बचाओ, भविष्य बनाओ" जैसे नारों से विद्यार्थियों ने पानी और मिट्टी की अहमियत बताई।
मृदा और जल संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने पहुंचकर कंदील देखे। इनमें जल संरक्षण अधिकारी संकेत इंगोले, जल संरक्षण अधिकारी रवि भालेराव, लेखापरीक्षक मिलिंद सावदेकर और वरिष्ठ लिपिक अतुल करमनकर शामिल थे। उन्होंने विद्यार्थियों की कलाकृतियों की तारीफ की और जल संरक्षण के महत्व, पानी के सही इस्तेमाल और पर्यावरण की रक्षा के बारे में समझाया।
संदेश यह था कि बारिश का पानी बहने के बजाय जमीन में उतरे, मौजूद जलस्रोत बचें, पेड़ लगाने को बढ़ावा मिले और मिट्टी का कटाव रुके, इसके लिए हर किसी को कोशिश करनी चाहिए। पानी की हर बूंद बचाना सिर्फ सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, हर नागरिक का फर्ज है। विद्यार्थियों ने यही बात अपनी कलाकृतियों से रखी।
छोटी उम्र में ही बच्चों में यह समझ आ जाए, तो आगे जिम्मेदार नागरिकों की पीढ़ी तैयार होने में जरूर मदद मिलेगी।
विद्यार्थियों और NCC कैडेट्स को बाकलीवाल चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार बाकलीवाल, प्रधानाध्यापक बबनराव बिल्लारी, उप प्रधानाध्यापक दांभिवाल, पर्यवेक्षक किशोर राठोड और NCC अधिकारी अमोल काळे ने बधाई दी और सराहना की।
"बूंद-बूंद सहेजें, पानी की किल्लत टालें; मिट्टी बचाएं, भविष्य बनाएं!" इस संदेश के साथ बाकलीवाल विद्यालय के NCC कैडेट्स ने आकाश कंदीलों के जरिए जल संवर्धन की अलख जगाई।
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