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20:57 IST

दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बदल सकता है, दोपहर के सत्र का प्रस्ताव एक्सचेंजों के पास

ब्रोकर संगठनों ने दिवाली के दिन मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर में कराने की मांग की है। एक्सचेंज प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, पर अंतिम वक्त की अधिकृत घोषणा अभी नहीं हुई है।

दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बदल सकता है, दोपहर के सत्र का प्रस्ताव एक्सचेंजों के पास तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

इस साल दिवाली के दिन शेयर बाजार में होने वाली मुहूर्त ट्रेडिंग का समय फिर बदल सकता है। स्टॉक ब्रोकरों और बाजार से जुड़ी कई संस्थाओं ने मांग की है कि यह सत्र दोपहर के वक्त रखा जाए। इस प्रस्ताव के बाद दिवाली के खास सत्र के टाइमटेबल को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि अंतिम टाइमटेबल की अभी कोई अधिकृत घोषणा नहीं हुई है।

स्टॉक ब्रोकरों ने 'ब्रोकर्स इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स फोरम' (BISF) के जरिए स्टॉक एक्सचेंज को यह प्रस्ताव भेजा है। उनका कहना है कि इस साल दिवाली का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:47 से 3:12 के बीच है। इसी को देखते हुए ब्रोकरों ने दोपहर 2 से 3 बजे के बीच मुहूर्त ट्रेडिंग कराने की गुजारिश की है।

मिली जानकारी के मुताबिक एक्सचेंज इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। शुरुआती प्लान के हिसाब से मुहूर्त ट्रेडिंग का सत्र दोपहर 2:20 से 3:20 तक हो सकता है। उससे पहले दोपहर 1:50 से 2:05 तक ब्लॉक डील विंडो और 2:05 से 2:20 तक प्री-ओपन सत्र रखे जाने की संभावना है। लेकिन इस टाइमटेबल को अभी अधिकृत मंजूरी नहीं मिली है। एक्सचेंज में चर्चा और जरूरी तैयारी पूरी होने के बाद ही अंतिम वक्त घोषित होने की उम्मीद है।

'असोसिएशन ऑफ NSE मेंबर्स ऑफ इंडिया' (ANMI) ने भी दोपहर के सत्र के प्रस्ताव का समर्थन किया है। इस मांग के पीछे मुख्य मकसद यह है कि परंपरा भी बनी रहे और कर्मचारी काम और निजी जिंदगी में संतुलन रख सकें। ANMI के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश श्रॉफ के मुताबिक दोपहर का सत्र होने से ब्रोकर, कर्मचारी और उनके परिवार देर तक काम करने का तनाव लिए बिना दिवाली मना सकेंगे।

ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म 'धन' (Dhan) के संस्थापक जय प्रकाश गुप्ता ने भी इस साल मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर में कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुहूर्त ट्रेडिंग शेयर बाजार की अहम परंपरा है, लेकिन उसके बाद कई प्रशासनिक और अनुपालन प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं, इसलिए कर्मचारियों को अक्सर देर तक रुकना पड़ता है।

सत्र खत्म होने के बाद भी ब्रोकरेज कंपनियों, स्टॉक एक्सचेंज, क्लियरिंग कॉर्पोरेशन, डिपॉजिटरी, कस्टोडियन और बैंकों के कर्मचारियों को कई काम निपटाने होते हैं। इनमें सिक्योरिटीज का अर्ली पे-इन, फंड एलोकेशन और दूसरी जरूरी अनुपालन प्रक्रियाएं शामिल हैं। इन्हें वक्त पर पूरा करने के लिए कर्मचारियों को दिवाली के दिन भी देर तक दफ्तर में रुकना पड़ता है। ब्रोकरों के मुताबिक सत्र दोपहर में हो तो इन कामों के लिए पूरा वक्त मिल जाएगा और कर्मचारी शाम को परिवार के साथ त्योहार मना सकेंगे।

समय बदलने के साथ ब्रोकरों ने कुछ प्रक्रियाओं में छूट की भी मांग की है। उनका सुझाव है कि सिक्योरिटीज का अर्ली पे-इन और फंड एलोकेशन जैसे कुछ काम अगले कारोबारी दिन पूरे करने की इजाजत दी जाए। प्रस्ताव में पीक मार्जिन की कमी पर लगने वाले जुर्माने में राहत देने और दिन के अंत (EOD) का एलोकेशन अगले कारोबारी दिन सुबह 9 बजे से पहले पूरा करने की छूट देने जैसे सुझाव भी हैं। इन मांगों का मकसद नियमों से बचना नहीं, बल्कि जरूरी काम करते हुए कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ कम करना है।

मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार की कई दशकों पुरानी परंपरा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने 1957 में इस खास सत्र की शुरुआत की थी। तब से दिवाली के दिन शुभ मुहूर्त में शेयरों की खरीद-बिक्री की परंपरा चली आ रही है। हिंदू परंपरा में दिवाली और लक्ष्मीपूजन को संपत्ति, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, इसलिए कई निवेशक इसमें हिस्सा लेते हैं। विक्रम संवत कैलेंडर के हिसाब से नए साल की शुरुआत से भी इस सत्र का नाता है।

पिछले साल मुहूर्त ट्रेडिंग का पारंपरिक शाम का टाइमटेबल बदलकर सत्र दोपहर 1:45 से 2:45 तक कराया गया था। इस साल भी दोपहर का विकल्प चर्चा में है। फिलहाल समय बदलने का प्रस्ताव विचाराधीन है। एक्सचेंज का अधिकृत सर्कुलर आने के बाद ही इस साल का पक्का वक्त साफ होगा। इसलिए निवेशकों को अंतिम टाइमटेबल के लिए NSE और BSE की अधिकृत घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।

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