जीएमसी नागपुर परिसर में 26 पेड़ काटने की तैयारी, आपत्ति के लिए सात दिन
नागपुर महानगरपालिका ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर के 26 पेड़ काटने के प्रस्ताव पर नागरिकों से आपत्तियां मांगी हैं।
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नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMC), नागपुर के परिसर में 26 पेड़ काटने के प्रस्ताव पर जनता से आपत्तियां मांगी हैं। इसके लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है। पेड़ अलग-अलग निर्माण कामों के लिए हटाने की बात कही गई है।
NMC के उद्यान एवं वृक्ष प्राधिकरण विभाग ने नागरिकों से कहा है कि वे नोटिस के सात दिन के भीतर लिखित आपत्ति दें। प्रस्ताव 240 बिस्तर वाले डॉर्मिटरी, एक वेटिंग रूम और नए अर्बन हेल्थ सेंटर के निर्माण से जुड़े हैं। जिन पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव है, उनमें से एक हेरिटेज पेड़ की श्रेणी में आता है।
पहला प्रस्ताव गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन की ओर से आया है। इसमें प्रस्तावित 240 बिस्तर वाले डॉर्मिटरी के रास्ते में आ रहे 23 पेड़ काटने की इजाज़त मांगी गई है। इनमें 21 पेड़ कैसिया के हैं, जिनकी उम्र 17 से 46 साल के बीच आंकी गई है। एक पेड़ पेल्टोफोरम का है, जो करीब 49 साल पुराना है, और एक बबूल का है, जो करीब 48 साल पुराना है। इन सभी 23 पेड़ों को नॉन-हेरिटेज श्रेणी में रखा गया है।
दूसरा प्रस्ताव गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट अविनाश गावंडे ने दिया है। यह कमरा नंबर 4 और 5 के पास वेटिंग रूम बनाने के लिए है। इसमें दो गुलमोहर के पेड़ हटाने की इजाज़त मांगी गई है, जिनकी उम्र 36 से 38 साल आंकी गई है। दोनों पेड़ नॉन-हेरिटेज श्रेणी में हैं।
तीसरा प्रस्ताव संस्था के सोमवारी क्वार्टर्स की इमारत में नया अर्बन हेल्थ सेंटर बनाने से जुड़ा है। डीन ने यहां एक नीम का पेड़ हटाने की इजाज़त मांगी है, जिसकी उम्र करीब 51 साल आंकी गई है। यह पेड़ हेरिटेज श्रेणी का है, इसलिए इसे हटाने का प्रस्ताव अर्जी का खास पहलू है।
सार्वजनिक नोटिस के मुताबिक, जो नागरिक पेड़ काटने के खिलाफ हैं, उन्हें अपनी वजहें बताते हुए लिखित आपत्ति सात दिन के भीतर वृक्ष अधिकारी, नागपुर महानगरपालिका, सिविल लाइंस, नागपुर के पास जमा करनी होगी। आपत्ति देने वालों को वैध पहचान पत्र भी देना होगा। NMC ने साफ किया है कि सात दिन की तय मियाद के बाद आई आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
यह नोटिस NMC के उपायुक्त (उद्यान) और वृक्ष अधिकारी की ओर से जारी हुआ है। फिलहाल प्रस्ताव जनता की आपत्ति के दौर में हैं। नोटिस पेड़ काटने की इजाज़त मांगता है। इससे यह साबित नहीं होता कि पेड़ काटे जा चुके हैं या आखिरी मंज़ूरी मिल गई है।