नागपुर में शीत सत्र से पहले PWD ने मंगाईं 40 से ज्यादा कामों की ऑनलाइन बोलियां
महाराष्ट्र सरकार के सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग ने विधान भवन, MLA हॉस्टल और सिविल लाइंस की सरकारी इमारतों की मरम्मत के लिए ई-टेंडर निकाला है।
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नागपुर में शीत सत्र की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। महाराष्ट्र राज्य सरकार के सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग (PWD) के कार्यकारी अभियंता के जरिए शहर में बुनियादी ढांचे के विकास और रखरखाव के लिए बड़ी टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
ई-टेंडर नोटिस के तहत रजिस्टर्ड ठेकेदारों से 40 से ज्यादा अलग-अलग कामों के लिए ऑनलाइन बोलियां मंगाई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक टेंडर में रखे गए लगभग सभी काम शीत सत्र की तैयारी से जुड़े हैं, इसलिए अभी से हलचल तेज हो गई है।
सत्र के दौरान शहर में आने वाले मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सरकारी इमारतों और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में यह प्रक्रिया पहले से शुरू की गई है।
सभी कामों के लिए 8.44 लाख रुपये की एक जैसी लागत और 1 महीने की समय सीमा तय की गई है। इससे साफ है कि ये काम छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों को ध्यान में रखकर रखे गए हैं।
ये टेंडर मुख्य रूप से शहर की अलग-अलग सरकारी इमारतों, अस्पतालों, सड़कों और दफ्तरों की मरम्मत, रंग-रोगन, प्लंबिंग और फर्श के कामों से जुड़े हैं।
विधान भवन में गेट टॉयलेट, पेंटिंग, पॉलिशिंग, फर्श की मरम्मत और ग्राउंड फ्लोर के अलग-अलग दफ्तरों में सिविल वर्क होना है। इसके अलावा पानी की टंकी की मरम्मत भी सूची में है।
सिविल लाइंस इलाके में सचिवालय भवन, रवि भवन, डिवीजनल कमिश्नर दफ्तर और पुलिस आवासों में प्लंबिंग, फर्श, खिड़कियों और दरवाजों की मरम्मत की जाएगी। कृषि निदेशालय के अतिथि गृह का नवीनीकरण भी इसी में शामिल है।
शिक्षा और अस्पताल के क्षेत्र में मेयो अस्पताल के पुराने और नए छात्रावासों में सिविल वर्क, अस्पताल में सड़क की रोशनी का काम और ड्रॉप शीट की खरीद शामिल है। नागपुर आवासीय कार्यालय (ओल्ड मारिस कॉलेज) के पास पुलिस आवासों में फर्श की मरम्मत होगी। MLA हॉस्टल में प्लंबिंग, फर्श, पेंटिंग और जॉइनरी का काम भी टेंडर में है।
अन्य कामों में विग नंबर 2 के लिए बालकोन स्ट्रक्चरल और मिसलेनियस काम, रवि नगर कॉलोनी की सभी सड़कों और पानी की टंकियों की सफाई, और विधान भवन के पास न्यू हाउस क्रमांक 1 और 2 तथा आवासीय इमारतों की मरम्मत शामिल हैं।
कुल मिलाकर प्रक्रिया यह है: 40 से ज्यादा काम, हर काम की अनुमानित लागत 8.44 लाख रुपये, हर काम के लिए 1 महीने की समय सीमा और टेंडर पूरी तरह ऑनलाइन।