जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक को 100 इलेक्ट्रिक ट्रकों का पहला ऑर्डर, सिमेंट ढुलाई में चलेंगे
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जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक ने एएमपीस्टार इलेक्ट्रिक ट्रकों की पहली कमर्शियल बिक्री का एलान किया है। जेएसडब्ल्यू सिमेंट के विजयनगर प्रोजेक्ट के लिए 100 ट्रकों का ऑर्डर मिला है।
जेएसडब्ल्यू ग्रुप की इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियों वाली कंपनी जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक लिमिटेड ने अपने एएमपीस्टार इलेक्ट्रिक ट्रकों की पहली कमर्शियल बिक्री का एलान किया है। कंपनी को जेएसडब्ल्यू सीमेंट के विजयनगर प्रोजेक्ट के लिए 'एएमपीस्टार 4x2 55 टन ट्रैक्टर ट्रक' के 100 यूनिट का ऑर्डर मिला है। इन ट्रकों से इंडस्ट्रियल सेक्टर का भारी माल ढोया जाएगा।
इस काम में जेएसडब्ल्यू इको-मोबिलिटी बैटरी-एज़-ए-सर्विस (बीएएएस) की सर्विस देगी। परादीप परिवहन लिमिटेड ट्रांसपोर्ट पार्टनर के तौर पर काम करेगी।
एएमपीस्टार के 4x2 और 6x4 ट्रैक्टर ट्रकों को ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) से केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (सीएमवीआर) के तहत सर्टिफिकेट मिल चुका है। यानी ये ट्रक भारतीय सड़कों पर चलने के लिए जरूरी सेफ्टी, परफॉर्मेंस और नियामक शर्तें पूरी करते हैं। ब्रांड लॉन्च होने के एक महीने से थोड़े ज्यादा वक्त में ही यह ऑर्डर मिल गया है। इस तरह एएमपीस्टार ट्रक अब लॉन्च के दौर से निकलकर असल इस्तेमाल में पहुंच गए हैं।
'एएमपीस्टार 4x2 55 टन ट्रैक्टर ट्रक' को भारत की मुश्किल कमर्शियल हालात में भी काम करने लायक बनाया गया है। इसकी पीक पावर 430 किलोवॉट और पीक टॉर्क 2,600 न्यूटन-मीटर है। ये 100 ट्रैक्टर ट्रक जेएसडब्ल्यू सीमेंट लिमिटेड की इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट व्यवस्था का हिस्सा होंगे। आंध्र प्रदेश के नंद्याल से कर्नाटक के विजयनगर तक करीब 330 किलोमीटर के रूट पर क्लिंकर और स्लैग की ढुलाई होगी।
इस रूट पर हर महीने करीब 1.25 लाख टन माल की ढुलाई होने का अनुमान है। जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक की सब्सिडियरी जेएसडब्ल्यू इको-मोबिलिटी इन ट्रकों को बैटरी देगी। वह विजयनगर से नंद्याल के बीच अलग ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर भी बनाएगी। इस रूट पर बैटरी बदलने के चार सेंटर होंगे।
अनुमान है कि करार की पूरी अवधि में इस व्यवस्था से करीब 4.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी। कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन भी करीब 6,250 टन घटेगा।
जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक लिमिटेड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सुमित मित्तल ने कहा, "हमारे एएमपीस्टार ब्रांड के अनावरण के वक्त 55 टन क्षमता का इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर ट्रक पहली बार पेश किया गया था। कमर्शियल ट्रांसपोर्ट में यह बेहद चुनौती भरी गाड़ी है। ब्रांड लॉन्च के एक महीने से थोड़े ज्यादा वक्त में हम एक अहम पड़ाव पर पहुंचे हैं। जेएसडब्ल्यू सीमेंट की इंडस्ट्रियल माल ढुलाई के लिए पहले 100 ट्रकों का इस्तेमाल शुरू हो रहा है। इस काम में जेएसडब्ल्यू इको-मोबिलिटी बीएएएस पार्टनर के तौर पर मदद कर रही है। हम इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट की इंटीग्रेटेड व्यवस्था खड़ी कर रहे हैं, जिसमें अलग इलेक्ट्रिक कॉरिडोर और बैटरी बदलने के सेंटर होंगे। इससे माल की ढुलाई आसानी से हो सकेगी। हमारी कोशिश है कि इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सारी सर्विस और टेक्नोलॉजी साथ लाकर भारी माल की इलेक्ट्रिक ढुलाई को कमर्शियल लिहाज से किफायती बनाया जाए। एएमपीस्टार के जरिए पूरे भारत में माल ढुलाई का तरीका बदलना हमारा मकसद है। ये पहले 100 ट्रक उसी दिशा में एक अहम कदम हैं।"
जेएसडब्ल्यू सीमेंट के फाइनेंस डायरेक्टर नरिंदर कहलॉन ने कहा, "जेएसडब्ल्यू सीमेंट में हम इंडस्ट्रियल कामकाज को ज्यादा पर्यावरण के अनुकूल और असरदार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। एएमपीस्टार के 100 इलेक्ट्रिक ट्रकों का इस्तेमाल शुरू होना इस दिशा में अहम कदम है। इससे माल ढुलाई में कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी और हमारी सप्लाई चेन में माल की आवाजाही भी चलती रहेगी। बैटरी बदलने की सुविधाओं के साथ इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था खड़ी की जा रही है। इससे डीजल पर निर्भरता घटाना, उत्सर्जन कम करना और पर्यावरण के अनुकूल विकास के लक्ष्य पूरे करना हमारे लिए मुमकिन होगा। यह करते हुए कामकाज की कार्यक्षमता पर कोई असर न पड़े, इसका भी हम ध्यान रख रहे हैं।"
एएमपीस्टार की गाड़ियां जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक के नए इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में बनेंगी। यह प्लांट महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के ऑरिक में करीब 90 एकड़ जगह पर बन रहा है। प्लांट की क्षमता हर साल 15 हजार इलेक्ट्रिक बस और ट्रक बनाने की होगी। ट्रक की केबिन के लिए ऑटोमेटेड प्रोडक्शन लाइन और बैटरी के लिए इंटीग्रेटेड व्यवस्था भी होगी। पुणे में जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक का रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी इस प्लांट को तकनीकी मदद देगा।
एएमपीस्टार की गाड़ियों में 150 किलोवॉट से 500 किलोवॉट तक की क्षमता के विकल्प मिलेंगे। ग्राहक गाड़ी सीधे खरीद सकेंगे या किराए पर ले सकेंगे। बैटरी-एज़-ए-सर्विस (बीएएएस) स्कीम का विकल्प भी रहेगा। इसके अलावा गाड़ी के मालिकाना हक और इस्तेमाल के दूसरे विकल्प भी होंगे। कंपनी की ओर से चार्जिंग की जरूरी सुविधा, फाइनेंशियल मदद और बिक्री के बाद की सर्विस भी दी जाएगी। ट्रैक्टर ट्रकों के बाद कंपनी की योजना एएमपीस्टार की रेंज में टिपर और फिक्स बॉडी वाले डंपर भी जोड़ने की है।
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