इस साल सर्दी कम पड़ने का अंदेशा, फरवरी से ही गर्मी शुरू होने की आशंका
एल निनो के बढ़ते असर से सर्दी हल्की रहने और गर्मी जल्दी तेज होने का अनुमान है, जबकि जलाशयों में पानी घट रहा है।
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नई दिल्ली: इस बार सर्दी में आम सालों जितनी ठंड नहीं पड़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्मी भी उम्मीद से पहले तेज हो सकती है। उनके मुताबिक 'एल निनो' का असर बढ़ रहा है और इसी वजह से फरवरी से ही देश के तापमान में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। यानी लोगों को सर्दी में कम ठंड और गर्मी में जल्दी तेज तपिश झेलनी पड़ सकती है।
'क्लाइमेट ट्रेंड्स' की जारी की हुई रिपोर्ट के मुताबिक मानसून सीजन यानी जून से सितंबर के बीच बारिश सामान्य से कम रहेगी। भारतीय मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक डॉ. के. जे. रमेश के मुताबिक एल निनो का असर फरवरी 2027 तक बना रहेगा। इसलिए फरवरी से ही गर्मी जैसे हालात बन सकते हैं।
2026 में मौसम के कई पुराने रिकॉर्ड टूट चुके हैं। अगस्त 2026 भारत के इतिहास का सबसे गर्म अगस्त रहा, यह हिसाब 1901 से लगाया गया है। वहीं सितंबर 2026 पांचवां सबसे गर्म सितंबर रहा।
बारिश की कमी और गर्मी जल्दी शुरू होने की वजह से धान की खेती का रकबा 1.556 मिलियन हेक्टेयर घट गया है। इस हालात में खेती और मौसम के जानकारों ने किसानों को सलाह दी है कि रबी सीजन में दलहन और तिलहन जैसी कम समय में तैयार होने वाली फसलों को तरजीह दें। साथ ही संबंधित प्रशासन से अपील की गई है कि गर्मी का असर कम करने के लिए 'पूर्व चेतावनी प्रणाली' को और मजबूत करे।
पानी की हालत भी चिंता बढ़ाने वाली है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक देश के 178 बड़े जलाशयों में पानी का स्टॉक उनकी सामान्य क्षमता के सिर्फ 87.08 फीसदी पर आ गया है। दक्षिण प्रायद्वीपीय इलाके में हालत और गंभीर है। वहां के जलाशयों में क्षमता का सिर्फ 47.22 फीसदी पानी बचा है।
गर्मी जल्दी आने और सर्दी में कम बारिश का सीधा और बुरा असर देश के जलस्रोतों और रबी फसलों पर पड़ेगा। तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दुष्काल जैसी स्थिति पहले ही घोषित की जा चुकी है। अकेले महाराष्ट्र की बात करें तो राज्य का 75 फीसदी हिस्सा सूखे के साए में है।
महाराष्ट्र और आपके इलाके पर असर को लेकर अनुमान है कि सर्दी गरम ही रहेगी। दिन और रात, दोनों का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। फरवरी 2027 में तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस से 3.5 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रह सकता है।
किसानों के लिए खतरे को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि धान, गन्ना और कपास की खेती का रकबा पहले ही घट चुका है। रबी और गर्मी की फसलों पर सीधा असर पड़ेगा और पानी की किल्लत रहेगी।
आम लोगों के लिए खतरे पर Climate Impact Lab की स्टडी के मुताबिक Super El Niño की वजह से दुनिया भर में 4.51 लाख लोगों पर इसकी मार पड़ सकती है। इससे पहले भारत में भी हीट स्ट्रोक से कई लोगों की मौत हो चुकी है।