शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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19:12 IST

गोरेवाड़ा तालाब परिसर में शराब की बोतलें और ताश के पत्ते मिले, नगर निगम की निगरानी पर सवाल

नागपुर की जलापूर्ति से जुड़े गोरेवाड़ा तालाब परिसर में शराब की खाली बोतलें और ताश के पत्ते बिखरे मिले हैं।

गोरेवाड़ा तालाब परिसर में शराब की बोतलें और ताश के पत्ते मिले, नगर निगम की निगरानी पर सवाल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर के गोरेवाड़ा तालाब परिसर में शराब की खाली बोतलें और ताश के पत्ते बिखरे हुए मिले हैं। इसके बाद तालाब की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह तालाब नागपुर के आधे शहर की प्यास बुझाने वाली जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ा है, इसलिए यहां की लापरवाही को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

परिसर में नगर निगम की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख करने वाला बोर्ड लगा है और वहां एक नाव भी मौजूद है। इसके बावजूद मौके पर जो हालात दिखे, वे निगरानी के दावों से मेल नहीं खाते। बोतलें और ताश के पत्ते मिलने से लोगों को आशंका है कि यहां असामाजिक गतिविधियां चलती होंगी।

तालाब परिसर का जायजा लिया गया था। वहां शराब की खाली बोतलें और ताश के पत्ते इधर-उधर पड़े दिखे। ऐसे में सवाल उठता है कि यहां नियमित निगरानी आखिर किस स्तर पर हो रही है।

अगर तालाब परिसर में सुरक्षा और निगरानी की नियमित व्यवस्था है, तो यह सामान वहां कैसे पहुंचा? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी खबर है, या निगरानी में कहीं चूक हुई है? इन सवालों के जवाब मिलना जरूरी है।

हालांकि मौके पर मिली चीजों के आधार पर किसी खास गैरकानूनी गतिविधि की पुष्टि नहीं की जा सकती। फिर भी यह हालत बताती है कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिए।

किसी अहम जलस्रोत की हिफाजत सिर्फ बोर्ड लगा देने या नाव रख देने से नहीं होती। इसके लिए नियमित गश्त, असरदार निगरानी और जिम्मेदार कर्मचारियों की सक्रिय मौजूदगी जरूरी है। अब सवाल यह है कि तालाब परिसर में निगरानी की असल हालत क्या है और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नगर निगम की ओर से कौन से कदम उठाए जा रहे हैं।

गोरेवाड़ा तालाब सिर्फ घूमने-फिरने की जगह नहीं है, बल्कि नागपुर की जलापूर्ति व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण जलस्रोत है। ऐसी जगह की सुरक्षा और साफ-सफाई में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर चिंता की बात है। संदिग्ध गतिविधियों की आशंका को देखते हुए नियमित निगरानी बढ़ाने, परिसर की सफाई पक्की करने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की जरूरत है।

अब जरूरत है कि संबंधित अधिकारी मौके की स्थिति की जांच करें और निगरानी में अगर कोई कमी है तो उसे दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब गोरेवाड़ा तालाब नागपुर की जलापूर्ति के लिए इतना अहम है, तो उसकी सुरक्षा और निगरानी में लापरवाही की गुंजाइश कैसे रह सकती है।

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