अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन के लिए 9 बोट, नेवी के रिटायर्ड जवान भी तैनात होंगे
नागपुर अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने गणेश विसर्जन के लिए आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कीं
कल अनंत चतुर्दशी पर शहर में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होगा, और इसी को देखते हुए नागपुर अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी बड़े विसर्जन स्थलों पर अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन अधिकारी-कर्मचारी और एनजीओ की टीमें तैनात रहेंगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रिटायर्ड नेवी कर्मियों की मदद भी ली जाएगी।
विसर्जन के लिए चार बड़े कृत्रिम टैंक बनाए गए हैं, जो गोरेवाड़ा, कोराडी, पुलिस लाइन टाकली और कच्छी वीसा मैदान में लगाए गए हैं। इसके अलावा किल्ले कोलार नदी घाट और सोनेगांव तालाब जैसे मुख्य जलस्रोतों पर भी पुलिस बंदोबस्त और सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
आपदा प्रबंधन के तहत कुल 9 बोट विसर्जन स्थलों पर तैनात की जाएंगी, जिनमें से 3 बोट गोरेवाड़ा और 2 बोट कोराडी में रखी जाएंगी। बाकी बोट जरूरत के हिसाब से बाकी विसर्जन स्थलों पर भेजी जाएंगी, ताकि कोई भी आपात स्थिति आने पर तुरंत रेस्क्यू शुरू किया जा सके। हर विसर्जन स्थल पर दिन में 13 और रात में 15 कर्मचारियों की टीम मौजूद रहेगी। अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें एनजीओ के साथ मिलकर काम करेंगी, और गोरेवाड़ा व कोराडी में रिटायर्ड नेवी कर्मियों की सेवाएं भी ली जाएंगी। रेस्क्यू टीम के पास पावर बोट, ओबीएम, रस्सियां, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, पीए सिस्टम, टॉर्च, इमरजेंसी लाइट और टेंट जैसा जरूरी सामान रहेगा।
विभाग ने विसर्जन से पहले सभी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और कंट्रोल रूम की वायरलेस व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। रेस्क्यू टीम के मुख्य कंट्रोलिंग अफसर विसर्जन से एक दिन पहले सभी कंट्रोल अफसरों और ग्रुप लीडरों के साथ मीटिंग कर तैयारियों का जायजा लेंगे, और जरूरत पड़ने पर विसर्जन स्थलों का इंस्पेक्शन कर व्यवस्था में बदलाव भी किया जाएगा। गणेश विसर्जन के दौरान ड्यूटी पर लगे अफसरों और कर्मचारियों को बिना ठोस वजह गायब न रहने की हिदायत दी गई है, और आदेश न मानने पर नियम के मुताबिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
अग्निशमन विभाग के आपदा व्यवस्थापन अधिकारी दिलीप चौहान ने बताया कि गणेश विसर्जन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग की टीमें पूरी तरह तैयार रहेंगी, और सेंसिटिव विसर्जन स्थलों पर खास नजर रखी जाएगी।