अहिल्यानगर जिला बैंक चुनाव में शिवसेना के चार उम्मीदवार, संगमनेर से तीन और शेवगांव से एक
अहिल्यानगर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में शिवसेना ने भी उम्मीदवार उतार दिए हैं।
अहिल्यानगर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में अब शिवसेना भी उतर आई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने संगमनेर तालुका से तीन और शेवगांव से एक उम्मीदवार मैदान में उतारा है। अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों और गुटों की ओर से नामांकन भरने का सिलसिला पहले से चल रहा है। इसी बीच शिवसेना की एंट्री से जिला बैंक में मुकाबला और कड़ा होने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि जिला बैंक का चुनाव बिनविरोध कराने के लिए अलग-अलग राजनीतिक गुटों में हलचल चल रही है। लेकिन पार्टी के स्थानीय नेताओं में यह भावना है कि इस प्रक्रिया में शिवसेना को भरोसे में नहीं लिया जा रहा। इसी वजह से शिवसेना ने अपनी ताकत अलग से दिखाने का फैसला किया और उम्मीदवार उतारना शुरू कर दिया।
शिवसेना जिले के अलग-अलग तालुकाओं में उम्मीदवार खड़े करने की तैयारी कर रही है। इसी के तहत संगमनेर तालुका के तीन उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। विधायक विठ्ठलराव लंघे, विधायक अमोल खताळ और पूर्व सांसद सदाशिव लोखंडे की खास मौजूदगी में ये नामांकन निर्वाचन निर्णय अधिकारी को सौंपे गए।
कृषि सहकारी संस्था मतदारसंघ से निमज के बादशाह दत्तू गुंजाळ ने नामांकन भरा है। कृषि पूरक, कृषि माल प्रक्रिया और विपणन संस्था मतदारसंघ से मंगळापूर के शंकर मारुती वाळे ने पर्चा दाखिल किया है। अनुसूचित जाति-जनजाति आरक्षित मतदारसंघ से पंढरीनाथ माधव इल्हे ने अपनी उम्मीदवारी दाखिल की है। शेवगांव से भी शिवसेना का एक उम्मीदवार चुनावी मैदान में है।
अहिल्यानगर जिले के सहकारी क्षेत्र में जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की अहम जगह है। इसीलिए इस बैंक के चुनाव पर जिले के राजनीतिक हलकों की नजर टिकी है। अब तक चुनाव बिनविरोध कराने की जो हलचल चल रही थी, उसके बीच शिवसेना के उम्मीदवार उतारने से राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत हैं। नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कितने उम्मीदवार असल में मैदान में रहते हैं और कौन-से राजनीतिक गट आपस में समझौता करते हैं, इसी पर चुनाव की आखिरी तस्वीर निर्भर करेगी।