फडणवीस का आरोप: संविधान हाथ में लेकर संस्थाओं पर से भरोसा उठाने की कोशिश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने MPSC आंदोलन और दिल्ली में INDIA गठबंधन के आंदोलन पर विपक्ष और राहुल गांधी पर निशाना साधा।
राज्य में MPSC के विद्यार्थियों के आंदोलन को लेकर सियासत गरम है। उधर दिल्ली में INDIA गठबंधन के आंदोलन की चर्चा भी पूरे देश में हो रही है। इसी माहौल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि संविधान से बनी संस्थाओं पर से लोगों का भरोसा उठाने का काम चल रहा है। उनके मुताबिक इसके बाद यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि संविधान आपको न्याय नहीं दे सकता। दिल्ली में राहुल गांधी की अगुवाई में चल रहे आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने यह बात कही।
फडणवीस ने कहा, "भारत के संविधान से बनी सभी संस्थाएं बेकार हैं, ऐसी भावना समाज में बैठाने का काम चल रहा है। उसके बाद संदेश दिया जाएगा कि संविधान आपको न्याय नहीं दे सकता।" यह उनका दावा है। उन्होंने यह भी कहा, "इसलिए संविधान हाथ में लेकर काम चल रहा है।"
पुणे के MPSC आंदोलन पर बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की मांगों को लेकर पूरी तरह सकारात्मक है। उनके मुताबिक विद्यार्थियों के सवाल सुलझाने के लिए सरकार ने फैसले लिए हैं। फिर उन्होंने आरोप लगाया, "विद्यार्थियों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीति की जा रही है।"
फडणवीस के कहने के मुताबिक यह राजनीति इस हद तक पहुंच गई है कि "भारत की सारी लोकतांत्रिक संस्थाएं खत्म कर दो।" उन्होंने साफ किया कि राजनीति का जवाब राजनीति से ही दिया जाएगा।
MPSC अध्यक्ष के मामले में फडणवीस ने कहा कि अध्यक्ष का इस्तीफा लेना या उन्हें पद से हटाना राज्य सरकार के हाथ में नहीं है। उन्होंने संविधान के Article 317 का हवाला देकर अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया बताई। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक की घटना के वक्त मौजूदा अध्यक्ष इस पद पर नहीं थे। इसलिए उन पर सीधी कार्रवाई की मांग कितनी ठीक है, इस पर भी सोचना चाहिए।
फडणवीस के मुताबिक विद्यार्थियों में भरोसा बनाने के लिए आयोग के मौजूदा और पूर्व अध्यक्षों की जांच करने को कहा गया है। जांच में कोई दोषी मिला तो Article 317 के तहत राष्ट्रपति को कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस बारे में राज्यपाल से अनुरोध किया है।
मुंबई पुलिस पर फडणवीस ने कहा कि वह प्रोफेशनल तरीके से काम करती है और किसी पर गलत कार्रवाई नहीं करती। उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज के विद्यार्थियों की मांगें सरकार ने मान ली थीं और उसके बाद विद्यार्थियों ने उनका अभिनंदन किया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा आंदोलन का इस्तेमाल नेतृत्व के लिए किया जा रहा है।
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