मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:38 IST

आदिवासी छात्रों के आंदोलन पर कांग्रेस का सरकार पर आरोप, आजाद मैदान की इजाजत नहीं मिली

कांग्रेस का आरोप है कि आजाद मैदान में आंदोलन की इजाजत नहीं दी गई और पुलिस ने आदिवासी छात्रों को परेशान किया।

आदिवासी छात्रों के आंदोलन पर कांग्रेस का सरकार पर आरोप, आजाद मैदान की इजाजत नहीं मिली
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

आदिवासी छात्रों के आंदोलन को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में फिर गर्मी आ गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार ने आजाद मैदान में आंदोलन की इजाजत न देकर आदिवासी छात्रों के साथ अन्याय किया है। कांग्रेस का दावा है कि लोकतंत्र में हर किसी को आंदोलन का हक है, फिर भी सरकार और पुलिस छात्रों की आवाज दबा रही हैं।

कांग्रेस के मुताबिक छात्रों ने मांग रखी थी कि या तो उन्हें आजाद मैदान में आंदोलन की इजाजत दी जाए या राज्यपाल से उनकी मुलाकात करवाई जाए। कांग्रेस का आरोप है कि इस मांग पर पुलिस ने छात्रों को परेशान किया और आखिर में उन्हें हिरासत में ले लिया।

छात्रों की मांगें क्या हैं, यह भी सामने आया है। आदिवासी छात्रों ने आश्रमशालाओं में छात्रों की मौत के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके साथ आदिवासी विकास मंत्री का इस्तीफा और आदिवासी आयुक्त का तबादला भी मांगा गया है। छात्र चाहते हैं कि आश्रमशालाओं में बच्चों को बुनियादी सुविधाएं मिलें और सेंट्रल किचन से मिलने वाले खाने की क्वालिटी सुधरे।

छात्रों के कहने के मुताबिक पिछले दो साल में आश्रमशालाओं के 600 छात्रों की मौत हुई है। उनकी मांग है कि इस दावे की निष्पक्ष जांच की जाए।

सरकार का ध्यान अपनी मांगों की तरफ खींचने के लिए आदिवासी छात्रों ने नासिक से मुंबई की ओर लॉन्ग मार्च निकाला। छात्रों का कहना है कि उनके आंदोलन को 48 दिन हो चुके हैं। कांग्रेस का आरोप है कि लॉन्ग मार्च मुंबई के करीब पहुंचा तो पुलिस ने छात्रों को रोकने की कोशिश की। कांग्रेस ने यह भी बताया कि कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया।

कांग्रेस ने इन छात्रों के ठहरने का इंतजाम दादर के तिलक भवन दफ्तर में किया था। पार्टी का आरोप है कि आधी रात को पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लेने की कोशिश की। कांग्रेस का यह भी आरोप है कि पुलिस ने पार्टी दफ्तर में घुसकर छात्रों को धमकाया। पार्टी का दावा है कि तिलक भवन के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस और गाड़ियों का काफिला तैनात किया गया।

कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि पुलिस पार्टी दफ्तर में क्यों घुसी। पार्टी का दावा है कि इस पर पुलिस की तरफ से उसे कोई तसल्लीबख्श जवाब नहीं मिला।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार पुलिस को आगे करके दमन कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यह दमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने साफ किया कि कांग्रेस आदिवासी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और आगे भी उनकी लड़ाई का साथ देगी।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी आदिवासी छात्रों की मांगों को समर्थन दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि इस लड़ाई में कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ है। इस बीच, छात्रों की मांगों, पुलिस की भूमिका और कांग्रेस के आरोपों को लेकर राज्य में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।

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