एसिलॉक नाम से अलग साल्ट की दवा बेचने पर FDA ने कैडिला के तीन गोदामों के लाइसेंस रद्द किए
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कैडिला फार्मास्यूटिकल्स के पुणे (वडकी), ठाणे और नागपुर के केंद्रीय वितरण गोदामों के दवा बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कैडिला फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। FDA ने कंपनी के पुणे (वडकी), ठाणे और नागपुर में मौजूद केंद्रीय वितरण गोदामों के दवा बिक्री और वितरण के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई 'एसिलॉक' ब्रांड नाम के तहत अलग-अलग साल्ट वाली दवाओं की बिक्री और आपूर्ति में गंभीर गड़बड़ी सामने आने के बाद की गई है।
FDA की जांच में सामने आया कि पुणे शहर के कुछ थोक विक्रेताओं ने रैनिटिडिन आधारित 'एसिलॉक 150' और 'एसिलॉक 300' का ऑर्डर दिया था। लेकिन उन्हें इनकी जगह फैमोटिडिन आधारित 'एसिलॉक 150+' और 'एसिलॉक 300+' भेज दी गई।
FDA के मुताबिक, ब्रांड नाम के साथ सिर्फ '+' का निशान जोड़कर दवा के मुख्य घटक, यानी साल्ट, को बदल दिया गया। FDA का कहना है कि इससे डॉक्टरों, केमिस्टों और मरीजों में दवा को लेकर गंभीर भ्रम पैदा हो सकता था। एक ही ब्रांड नाम के तहत अलग-अलग साल्ट वाली दवाओं की आपूर्ति को FDA ने गंभीर अनियमितता माना है।
जांच में पैकिंग से जुड़ी गड़बड़ी भी पकड़ी गई। नियम के हिसाब से दवा का पैक 14 गोलियों का होना चाहिए था, मगर 30 गोलियों वाला पैक दिया गया था। FDA के अनुसार पैकिंग और लेबलिंग की ऐसी विसंगतियां मरीजों और दवा विक्रेताओं के लिए उलझन की वजह बन सकती हैं।
इसके अलावा FDA की जांच के दौरान निरीक्षण पुस्तिका भी उपलब्ध नहीं मिली। दवा के भंडारण और वितरण के रिकॉर्ड को ठीक से रखना नियामकीय व्यवस्था का अहम हिस्सा है। इसलिए निरीक्षण से जुड़े दस्तावेज न मिलना भी कार्रवाई का एक आधार बना।
इन सब बातों की जांच के बाद FDA ने कैडिला फार्मास्यूटिकल्स के पुणे शहर के वडकी, ठाणे शहर और नागपुर के केंद्रीय वितरण गोदामों के बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द कर दिए। इस कार्रवाई से दवा कंपनियों और वितरकों को साफ संदेश गया है कि ब्रांड नाम, साल्ट, पैकेजिंग और वितरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा।