विश्व दृष्टि दिवस 8 अक्टूबर को, स्क्रीन टाइम घटाकर आंखों की सेहत संभालने की बात
हर साल अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को मनाया जाने वाला जागतिक दृष्टि दिवस इस बार 8 अक्टूबर को है। इसी मौके पर आंखों की परेशानियों के कारणों और स्क्रीन के इस्तेमाल पर नजर डाली गई है।
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हर साल अक्टूबर महीने के दूसरे गुरुवार को विश्व दृष्टि दिवस मनाया जाता है। इस साल यह दिन 8 अक्टूबर को पड़ रहा है। इसी बहाने आंखों की सेहत, उन्हें होने वाली तकलीफों के कारणों और स्क्रीन के इस्तेमाल के असर पर बात हो रही है।
2020 के अनुमान के मुताबिक देश की करीब 19.3 प्रतिशत आबादी किसी न किसी तरह की नजर की समस्या से जूझ रही थी। हालांकि इसके कई कारण हो सकते हैं और इसे सीधे मोबाइल फोन या स्क्रीन के इस्तेमाल से जोड़ देना सही नहीं होगा।
इस दिन की शुरुआत की बात करें तो पहली बार विश्व दृष्टि दिवस 8 अक्टूबर 1998 को मनाया गया था। तब एक निजी संगठन ने साईटफर्स्ट कैंपेन के जरिए यह आयोजन किया था। उसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर प्रिवेंशन ऑफ ब्लाइंडनेस (आईएपीबी) ने तय किया कि यह दिन हर साल अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को मनाया जाएगा। इसका मकसद दुनियाभर के लोगों में नजर को लेकर जागरूकता बढ़ाना है और जो लोग देख नहीं सकते, उन्हें नई रोशनी देने की कोशिश करना है।
नजर की कमजोरी और अंधेपन के मुख्य कारणों में मोतियाबिंद का नाम आता है। बढ़ती उम्र के साथ आंखों के प्राकृतिक लेंस धुंधले पड़ने लगते हैं। भारत में इसका प्रमाण काफी ज्यादा है। मोबाइल स्क्रीन की वजह से भी मोतियाबिंद की तकलीफ महसूस होती है।
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की वजह से आंख का पर्दा खराब हो जाता है, जिसे डायबेटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है। जिन परिवारों में पहले किसी को चश्मा लगा हो या आंखों की बीमारी रही हो, वहां अगली पीढ़ी को भी यह परेशानी हो सकती है।
खानपान में विटामिन ए और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो तो आंखों को तकलीफ होती है। इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ आंखों की कार्यक्षमता अपने आप घटती जाती है। 40 साल की उम्र के बाद यह परेशानी ज्यादा होती है।
अब स्क्रीन के इस्तेमाल की बात। अगर कोई बार-बार और बहुत ज्यादा मोबाइल फोन और टीवी का इस्तेमाल करता है, तो उससे अंधापन तो नहीं आता, लेकिन लंबे वक्त तक स्क्रीन देखने से डिजिटल आय स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम हो जाता है। इसमें आंखें सूखने लगती हैं या उनसे पानी आता है, आंखें लाल हो जाती हैं, खुजली होती है, धुंधला दिखता है या सिरदर्द होता है।