एसएनए स्पर्श से मुख्याध्यापक परेशान, अनुदान खर्च की प्रक्रिया आसान करने की मांग
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अमरावती में जिला परिषद प्राथमिक स्कूलों के मुख्याध्यापकों को अनुदान खर्च करने के लिए लागू की गई एसएनए स्पर्श प्रणाली से तकनीकी और प्रशासकीय दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। सर्वर धीमा चलता है, ऑनलाइन प्रक्रिया उलझी हुई है और ओटीपी के लिए सिर्फ एक मिनट की मियाद मिलती है। इन सबमें मुख्याध्यापकों का वह वक्त जा रहा है, जो पढ़ाने और स्कूल के बाकी कामकाज में लगना चाहिए। महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति ने मांग की है कि प्रणाली की ये अड़चनें दूर करके अनुदान खर्च की प्रक्रिया आसान की जाए।
जिला परिषद प्राथमिक स्कूलों को हर साल कई तरह के अनुदान दिए जाते हैं। इनमें स्कूल अनुदान, निर्माण अनुदान, स्कूल यूनिफॉर्म अनुदान और जूते-मोजे खरीदने का अनुदान शामिल है। पहले इन अनुदानों के खर्च की प्रक्रिया पंचायत समिति स्तर से पूरी की जाती थी। इस साल यह काम एसएनए स्पर्श प्रणाली के जरिए मुख्याध्यापकों को ही करना पड़ रहा है।
प्रक्रिया में दुकानदारों से बिल लेने पड़ते हैं, स्कूल व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष का आदेश लेना पड़ता है और जरूरी कागजात ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं। इसके बाद अध्यक्ष, दुकानदार और मुख्याध्यापक के आधार से जुड़े मोबाइल नंबरों पर ओटीपी आता है। उसी ओटीपी से बिल की मंजूरी पूरी होती है। उसके बाद संबंधित दुकानदार के खाते में रकम जमा हो जाती है।
ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की दिक्कत है, सर्वर की रफ्तार धीमी है और स्कूल व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष से वक्त पर संपर्क करना भी मुश्किल पड़ता है। इन वजहों से यह प्रक्रिया पूरी करना कठिन हो रहा है। ओटीपी के लिए सिर्फ एक मिनट मिलता है, इसलिए अध्यक्ष वक्त पर उपलब्ध न हों तो पूरा लेनदेन फिर से करना पड़ता है। नतीजा यह कि मुख्याध्यापकों का वक्त और मेहनत दोनों खर्च हो रहे हैं।
मुख्याध्यापकों की चिंता इसलिए भी बढ़ी है कि तय मियाद में अनुदान खर्च की प्रक्रिया पूरी न हुई तो निधि वापस जाने की संभावना है। ऐसे में जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे मुख्याध्यापकों में फिक्र का माहौल है।
इन दिक्कतों को लेकर मुख्याध्यापकों ने शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों से मदद मांगी थी। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति के पदाधिकारियों ने समग्र शिक्षा अभियान के लेखाधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने प्रणाली की तकनीकी अड़चनों और असल कामकाज में आ रही समस्याओं पर चर्चा की। साथ ही मांग की गई कि ये समस्याएं ऊपर के स्तर पर रखने के लिए शिक्षा विभाग के सचिव से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बात करवाई जाए।
शिक्षक समिति के पदाधिकारियों ने साफ किया कि एसएनए स्पर्श प्रणाली को और आसान बनाना, सर्वर की रफ्तार बढ़ाना, ओटीपी की मियाद बढ़ाना और अनुदान खर्च के लिए दी गई अवधि बढ़ाना जरूरी है। समिति ने यह मांग भी की है कि अगर मुमकिन हो तो एसएनए स्पर्श के बजाय पहले की तरह अनुदान खर्च की जिम्मेदारी ब्लॉक संसाधन केंद्रों को सौंप दी जाए। समिति को उम्मीद है कि तकनीकी दिक्कतें तुरंत दूर करके मुख्याध्यापकों को राहत दी जाएगी, ताकि उन्हें पढ़ाने और शैक्षणिक कामकाज के लिए ज्यादा वक्त मिल सके।
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