मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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दुबई से सायबर फ्रॉड रैकेट चलाने का आरोपी सुमंत दसरे इंटरपोल की मदद से गिरफ्तार

दुबई से सायबर फ्रॉड रैकेट चलाने का आरोपी सुमंत दसरे इंटरपोल की मदद से गिरफ्तार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

पिंपरी-चिंचवड सायबर पुलिस ने दुबई में हिरासत में लिए गए 26 साल के आरोपी को भारत लाकर गिरफ्तार किया। जांच में 157 से ज्यादा बैंक खातों के इस्तेमाल की बात सामने आई है।

पिंपरी-चिंचवड सायबर पुलिस ने ऑनलाइन फ्रॉड के एक रैकेट के कथित मुख्य सूत्रधार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी दुबई में रहकर चीनी सायबर अपराधियों के साथ साझेदारी में यह रैकेट चला रहा था। इंटरपोल की मदद से उसे दुबई में हिरासत में लिया गया और फिर भारत लाया गया।

आरोपी का नाम सुमंत उर्फ नानू रविंद्र दसरे है। उसकी उम्र 26 साल है और वह निगड़ी प्राधिकरण का रहने वाला है। जांच में सामने आया है कि उसने सायबर फ्रॉड की रकम लेने के लिए 157 से ज्यादा बैंक खातों का इस्तेमाल किया।

इस मामले में पिंपरी-चिंचवड सायबर पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 42/2026 दर्ज है। भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 317(2), 61(2) और 3(5) के तहत केस बना है। सायबर फ्रॉड के लिए बैंक खाते मुहैया कराने वाली एक गैंग की जांच चल रही थी। उसी दौरान सहायक पुलिस निरीक्षक प्रवीण स्वामी को तुषार अमराराम चौधरी के बारे में जानकारी मिली। तुषार 29 साल का है और चिखली रोड के मोरे वस्ती में रहता है। पता चला कि वह साथियों की मदद से बैंक खाते खोलता था और उनमें सायबर फ्रॉड की रकम लेता था।

पुलिस ने तुषार चौधरी और आदर्श संतोष वाघमारे को गिरफ्तार करके पूछताछ की। आदर्श 27 साल का है और आकुर्डी में रहता है। जांच में निकला कि दोनों ने अलग-अलग बैंकों में खाते खोले और उनकी जानकारी दुबई में रहने वाले सुमंत उर्फ नानू दसरे को दे दी। इन खातों में फ्रॉड की रकम जमा होने के बाद तुषार और आदर्श चेक से पैसे निकालते थे। अपना कमीशन रखकर बाकी रकम सुमंत के बताए बैंक खातों में सीडीएम के जरिए जमा कर दी जाती थी।

पुलिस के मुताबिक सुमंत शुरू में दुबई में छह हजार की तनख्वाह पर शेयर ट्रेडिंग और टास्क फ्रॉड के लिए कॉलिंग और मेसेजिंग का काम करता था। उसने चीनी आरोपियों से अलग-अलग इंटरनेशनल कार्ड लिए और उन्हें मॉल व दूसरी जगहों पर स्वाइप करके महंगा सामान खरीदना शुरू किया। इसी दौरान उसे सायबर फ्रॉड के पूरे तरीके की जानकारी हो गई। उसके बाद उसने चीनी सायबर अपराधियों के साथ साझेदारी करके फ्रॉड के मामले शुरू किए।

पुलिस कमिश्नर विनय कुमार चौबे के निर्देश पर सहायक पुलिस निरीक्षक प्रवीण स्वामी ने आरोपी की जानकारी जुटाई। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया। इसी एलओसी के आधार पर इंटरपोल की मदद से सुमंत को दुबई में हिरासत में लिया गया। फिर उसे भारत डिपोर्ट किया गया। मुंबई एयरपोर्ट पहुंचते ही प्रवीण स्वामी और उनकी टीम ने उसे अपनी हिरासत में लिया और पिंपरी-चिंचवड सायबर पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार कर लिया।

यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर विनय कुमार चौबे, सह पुलिस कमिश्नर डॉ. शशिकांत महावरकर, अपर पुलिस कमिश्नर सारंग आव्हाड, पुलिस उपायुक्त (क्राइम) रोहिदास पवार और सहायक पुलिस आयुक्त (सायबर व आर्थिक अपराध) रोहिणी बनकर के मार्गदर्शन में हुई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविकिरण नाळे और पुलिस निरीक्षक दिगंबर गायकवाड के नेतृत्व में सहायक पुलिस निरीक्षक प्रवीण स्वामी और उनकी टीम ने इसे अंजाम दिया।

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