जलगांव के भोकरी में बैंक से 27 किलो सोना लूटा गया, कुछ घंटों में चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जलगांव तालुका के भोकरी में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पर हथियारबंद दरोड़ा पड़ा। इसमें 27 किलो सोना और 12 लाख रुपये से ज्यादा नकदी लूटी गई। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को कुछ ही घंटों के अंदर पकड़ लिया। लूटे गए माल की सभी छह बैग भी पुलिस के हाथ लग गईं। इसके अलावा दो देशी कट्टे और वारदात में इस्तेमाल हुई दो दोपहिया गाड़ियां जब्त की गई हैं।
वारदात रविवार को दोपहर करीब 2.45 बजे हुई। हथियारबंद लोग भोकरी शाखा में घुसे और जमीन पर गोली चलाकर दहशत फैला दी। इसके बाद उन्होंने कर्मचारियों और मैनेजर को बांध दिया और उनके मुंह पर पट्टियां लगा दीं। कर्मचारियों को धमकाकर उन्होंने करीब 27 किलो सोना और 12 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी छह बैग में भरी। फिर वे दो मोटरसाइकिलों पर वहां से भाग निकले। इसके बाद बैंक के अधिकारियों ने मदद के लिए गुहार लगाई।
दरोड़े की खबर मिलते ही जलगांव पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। भागने के संभावित रास्तों पर चौकसी बढ़ाई गई और अलग-अलग पुलिस टीमों ने मिलकर तलाश शुरू की। आरोपियों का हुलिया, उनके कपड़े और उनकी दो मोटरसाइकिलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई। पुलिस की इस अपील पर स्थानीय लोगों ने भी सतर्कता दिखाई और तलाश में अहम भूमिका निभाई।
स्थानीय लोगों की मदद से एक आरोपी पकड़ में आ गया, जबकि उसके साथ का दूसरा आरोपी पास के खेत में भाग गया। सड़कों पर तलाश कर रही स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने PSI वलटे की अगुवाई में उसका पीछा नहीं छोड़ा। करीब डेढ़ घंटे की खोज के बाद उसे डीकसाई गांव के इलाके में पकड़ लिया गया। उसके पास से दो बैग बरामद हुईं।
इसी बीच पुलिस को खबर मिली कि बाकी दो आरोपी मोटरसाइकिल से धरणगांव की तरफ भाग रहे हैं। धरणगांव पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमाकांत गायकवाड़ ने अपनी टीम के साथ चावसखेड़ा सुरंग के पास नाकाबंदी कर रखी थी। पुलिस ने लोगों की मदद से दोनों को रोककर हिरासत में ले लिया। उनके पास से बाकी चार बैग भी जब्त हुईं। यानी कुछ ही घंटों में चारों आरोपी पुलिस के कब्जे में आ गए और सभी छह बैग बरामद हो गईं।
अदालत में पेश किए जाने पर शंकर जसक, अंकुश चव्हाण, गजानन पवार और अंकुश चव्हाण नाम के इन चारों आरोपियों को 10 दिन की पुलिस कस्टडी सुनाई गई। पुलिस दरोड़े की साजिश, वारदात में दूसरों की भूमिका और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की आगे जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इनमें से तीन आरोपियों की पहचान कुछ साल पहले जलगांव जिला जेल में हुई थी। जांच में सामने आया है कि बाद में चौथे आरोपी को साथ लेकर उन्होंने भोकरी की इस बैंक शाखा को लूटने की साजिश रची। साजिश का स्वरूप और हर आरोपी की भूमिका पुलिस जांच का हिस्सा है।
आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड भी चौंकाने वाले हैं। आरोपी शंकर रमेश जसक महाराष्ट्र पुलिस में 2015 की 113वीं बैच का पुलिस उपनिरीक्षक था। रायगड जिला पुलिस में तैनात रहते हुए वह जलगांव के शनिपेठ पुलिस थाने में दर्ज एक एसबीआई दरोड़ा मामले में आरोपी बना, जिसके बाद 2023 में उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उससे पहले 2018 में महाड में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की कार्रवाई से जुड़ा मामला दर्ज होने पर उसे निलंबित भी किया गया था।
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