सोम‌वार, 2 नवंबर 2026

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अमरावती में शेयर बाजार के नाम पर 9.32 करोड़ की ठगी, इस साल 32 साइबर केस दर्ज

अमरावती में शेयर बाजार के नाम पर 9.32 करोड़ की ठगी, इस साल 32 साइबर केस दर्ज तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

2023 से सितंबर 2026 तक शेयर बाजार में निवेश के नाम पर अमरावती के लोगों से 9 करोड़ 32 लाख रुपये ठगे गए। साइबर विभागप्रमुख सतीश पाटील ने आंकड़े दिए।

अमरावती में साइबर ठग शेयर बाजार का लालच देकर लोगों को लगातार चूना लगा रहे हैं। उनका तरीका यह है कि निवेश करो तो थोड़े ही वक्त में जबरदस्त मुनाफा मिलेगा। इसी झांसे में आकर शहर के लोग करोड़ों रुपये गंवा चुके हैं। साल 2023 से सितंबर 2026 तक शेयर बाजार में निवेश के नाम पर हुई ठगी की रकम 9 करोड़ 32 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

यह जानकारी साइबर विभागप्रमुख सतीश पाटील ने दी। उनके मुताबिक 2026 के पहले 9 महीनों में शहर में साइबर फ्रॉड के 32 केस दर्ज हुए हैं। इन केसों में लोगों के 3 करोड़ 53 लाख 46 हजार 903 रुपये लूटे गए। पुलिस ने तकनीकी जांच के सहारे इसमें से 1 करोड़ 19 लाख 70 हजार 929 रुपये फ्रीज करवा दिए, जिससे नुकसान कुछ कम हो सका।

इस साल साइबर फ्रॉड के 32 केसों के साथ अश्लील सामग्री से जुड़े 3 और सोशल मीडिया से जुड़े 3 केस भी दर्ज हुए हैं। यानी ऑनलाइन लेनदेन करते वक्त और सोशल मीडिया चलाते वक्त लोगों को पहले से ज्यादा चौकन्ना रहने की जरूरत है।

डिजिटल अरेस्ट के मामले भी बढ़ रहे हैं। शहर के साथ गांव-देहात में भी डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। खास तौर पर बुजुर्गों और रिटायर्ड अफसरों को निशाना बनाकर लाखों रुपये हड़पे जा रहे हैं।

अक्टूबर में शंकरनगर के एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर को वीडियो कॉल पर यह झूठा डर दिखाया गया कि उनके आधार कार्ड का आतंकी गतिविधियों में गलत इस्तेमाल हुआ है। इस तरह उनसे 80 लाख 80 हजार रुपये ठग लिए गए। अमरावती साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच करके 40 लाख रुपये फ्रीज किए और उन्हें वापस दिलवाया।

अगस्त में एक बुजुर्ग दंपती को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप में डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश हुई। लेकिन दामाद के सतर्क रहने से ठगी टल गई। इससे पहले एक रिटायर्ड जज से 31 लाख रुपये की ठगी हो चुकी थी।

शेयर बाजार निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के आंकड़े देखें तो 2023 के बाद से इसमें काफी बढ़ोतरी दिखती है। साइबर ठग ठगी की रकम सीधे अपने खाते में नहीं रखते। वे उसे दूसरों के बैंक खातों से घुमाते हैं। इसके लिए खाताधारकों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे खातों की वजह से ठगी के पैसों का सुराग लगाना मुश्किल हो सकता है। इसी तरह के 3 केसों की जांच में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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