नागपुर: कमिश्नर की फोटो और आवाज की नक्कल कर 1 करोड़ 4 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर में पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटील की फोटो और आवाज की नक्कल कर "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच के सायबर सेल ने दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है।
नागपुर में पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटील की फोटो का गलत इस्तेमाल कर "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर एक करोड़ 4 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस वारदात से शहर में हड़कंप मच गया है। पुलिस के मुताबिक यह रकम दो ठगों ने एक व्यक्ति से निकलवाई।
नागपुर के दीनदयाल इलाके में रहने वाले प्रविरकुमार तालुकदार को वीडियो कॉल के जरिए "डिजिटली" अरेस्ट में रखा गया। कॉल पर पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटील की फोटो इस्तेमाल की गई। इसके बाद एनआईए के प्रदीप जैयस्वाल के नाम से डराया गया और तालुकदार को आरटीजीएस से एक करोड़ 4 लाख रुपये भेजने पर मजबूर किया गया।
मामला सामने आते ही पुलिस हरकत में आई। क्राइम ब्रांच के सायबर सेल ने फौरन कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। उनके नाम दिनेश अवाभाई रावरीया और अरविंद कानजी गाला बताए गए हैं। पुलिस ने जांच का चक्र घुमाकर उन्हें उत्तर प्रदेश में जा दबोचा।
शहर के पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटील का सोशल मीडिया पर बड़ा फैन फॉलोइंग है। वे पुलिस दल के वरिष्ठ अधिकारी भी हैं, इसलिए अपराध की दुनिया में भी उनके नाम का खौफ है। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर दोनों ने उनकी फोटो और आवाज की नक्कल की और डिजिटल अरेस्ट का जाल बिछाया।
इसी बीच नागपुर जिले के भारसिंगी गांव में सड़क किनारे एक पुल के नीचे 102 कारतूस, यानी बंदूक की गोलियां, मिलने से भी खलबली मच गई है। पुलिस ने जो गोलियां जब्त कीं, उनमें 52 जिंदा हैं और बाकी 50 खाली खोखे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि सभी 102 गोलियां देश की अलग अलग ऑर्डिनेंस फैक्टरियों में बनी हैं। कुछ महाराष्ट्र की वरणगांव और खडकी ऑर्डिनेंस फैक्टरी में बनी हैं, तो कुछ मध्य प्रदेश की खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्टरी में।
अलग अलग फैक्टरियों में अलग अलग समय पर बनी इतनी गोलियां भारसिंगी गांव तक कैसे पहुंचीं और इन्हें कौन लाया, इसकी जांच अब पुलिस कर रही है। मामले की तह तक पहुंचना पुलिस के सामने चुनौती होगी।
उधर लॉरेन्स बिश्नोई के नाम की धमकी के बाद नागपुर के सराफा मार्केट में पुलिस बंदोबस्त बढ़ा दिया गया है। पुलिस के साथ हाल की बैठक में सराफा व्यापारियों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी, जिसके बाद एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया। इतवारी इलाके के 8 सराफा व्यापारियों को लॉरेन्स बिश्नोई के नाम से धमकी भरे पत्र मिले थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये पत्र नागपुर के खामला इलाके से डाक से भेजे गए थे।
इससे पहले 15 सितंबर को भी राणाप्रताप नगर थाने की हद में एक व्यापारी को धमकी का पत्र मिला था। फिर 31 अक्टूबर को डाक से आए पत्र में इन सराफा व्यापारियों से हर एक से 10 लाख रुपये भेजने को कहा गया, वरना टाइगर श्रॉप जैसा जानलेवा हमला करने की धमकी दी गई। अब तहसील थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सराफा व्यापारियों को भरोसा दिलाया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इसी वजह से इतवारी के सराफा मार्केट में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।
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