डोंबिवली में मंगलवार को 16 घंटे पानी बंद रहेगा, पहले से भरकर रख लें
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मुख्य जलवाहिनी की लीकेज रोकने के लिए कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका का पानीपुरवठा विभाग 3 नवंबर को मरम्मत करेगा। नागरिकों से पानी का स्टॉक करने की अपील की गई है।
डोंबिवली शहर के लोगों के लिए पानी को लेकर ज़रूरी खबर है। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के जलापूर्ति विभाग ने शहर की मुख्य पाइपलाइन में हुई लीकेज को रोकने के लिए फौरन मरम्मत का काम हाथ में लेने का फैसला किया है। इसी वजह से आने वाले मंगलवार को पूरे डोंबिवली शहर का पानी 16 घंटे के लिए पूरी तरह बंद रहेगा।
पालिका ने नागरिकों से अपील की है कि पानी की किल्लत न हो, इसलिए वे पहले से ही ज़रूरत भर का पानी भरकर रख लें।
पालिका के जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता शैलेश मलेकर ने जानकारी दी है कि मंगलवार, 3 नवंबर को सुबह 8:00 बजे से रात 12:00 बजे तक, यानी कुल 16 घंटे डोंबिवली का पानी पूरी तरह बंद रहेगा। शटडाउन के असर से अगले दिन यानी बुधवार की सुबह शहर में कम प्रेशर से पानी आने की संभावना है। इसलिए लोग कम से कम एक से दो दिन चले, उतना पानी पहले से जमा कर लें।
डोंबिवली को मुख्य पानी नेतिवली पहाड़ी पर बने जल शुद्धिकरण केंद्र से मिलता है। वहां से 1100 मिमी व्यास की मुख्य पाइपलाइन के ज़रिए पानी खंबालपाडा होते हुए पाथर्ली इलाके में पुराने रामचंद्र सिनेमाघर के पास की पानी की टंकियों तक पहुंचता है। फिर वहीं से पूरे पूर्व और पश्चिम हिस्से में बांटा जाता है। अब खंबालपाडा परिवहन डिपो के पास इसी मुख्य पाइपलाइन में बड़ी लीकेज का पता चला है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए यह लीकेज फौरन बंद करना ज़रूरी है, और इसीलिए 16 घंटे का शटडाउन लिया जा रहा है।
कल्याण-डोंबिवली शहरों की रोज़ की कुल पानी की ज़रूरत करीब 365 मिलियन लीटर है। जहां पानी की किल्लत है, वहां पालिका रोज़ करीब 15 टैंकर से पानी पहुंचाती है। डोंबिवली में पानी की भारी कमी या गलत बंटवारे से बचने के लिए 15 साल पहले तब के कार्यकारी अभियंता प्रमोद कुलकर्णी, उपअभियंता प्रमोद उपाध्ये और कार्यकारी अभियंता तरुण जुनेजा ने वार्ड के हिसाब से पानी बंटवारे की व्यवस्था, यानी ज़ोनिंग सिस्टम, शुरू की थी। इसी व्यवस्था से शहर में सुबह, दोपहर और रात, तीन शिफ्टों में नियमित पानी दिया जाता है।
पालिका की हद में पुराने नगरपालिका के ज़माने की कई ज़मीन के नीचे की पाइपलाइनें हैं, जिनसे लगातार पानी रिसता रहता है। फिलहाल पालिका के सामने करीब 28 प्रतिशत पानी की लीकेज की बड़ी चुनौती है और प्रशासन इसे रोकने की कोशिश में लगा है। पुरानी पीढ़ी के तजुर्बेकार अभियंता रिटायर हो चुके हैं, इसलिए ज़मीन के नीचे की पाइपलाइनों में दिक्कत आने पर नए अभियंताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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