मोदी के फोटो विवाद पर KDMC महासभा स्थगित, मनसे का भाजपा पर पलटवार
पुणे के एक स्कूल में मनसे नेता अमित ठाकरे द्वारा पीएम मोदी का फोटो हटाए जाने के मामले की गूंज कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका तक पहुंची, जहां भाजपा की मांग पर महासभा स्थगित करनी पड़ी।
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पुणे के एक स्कूल में मनसे नेता अमित ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो हटवा दिया था, इस घटना का असर अब कल्याण-डोंबिवली की राजनीति पर भी दिखने लगा है। बुधवार, 9 सितंबर 2026 को कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) की महासभा में इसी मुद्दे पर हंगामा हो गया। भाजपा ने इस घटना का कड़ा विरोध करते हुए महासभा को पूरे दिन के लिए स्थगित करने की मांग रखी, और आखिरकार महापौर हर्षाली चौधरी ने महासभा स्थगित करने का फैसला सुना दिया।
महासभा में भाजपा के गुटनेता शशिकांत कांबळे ने मोदी के फोटो वाला मुद्दा उठाते हुए इस घटना की निंदा की और सभा को पूरे दिन के लिए टालने का प्रस्ताव रखा। महापौर हर्षाली चौधरी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए महासभा स्थगित करने का निर्णय लिया। खास बात यह रही कि भाजपा की इस मांग को शिवसेना शिंदे गुट के साथ-साथ शिवसेना ठाकरे गुट का भी समर्थन मिला। हालांकि मनसे और कांग्रेस ने सभा स्थगित करने के फैसले का विरोध करते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
दरअसल कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में शिवसेना शिंदे गुट, भाजपा और मनसे मिलकर सत्ता में हैं। पुणे वाले फोटो प्रकरण के बाद भाजपा ने शिवसेना शिंदे गुट से मांग की थी कि मनसे को सत्ता से बाहर किया जाए, लेकिन शिंदे गुट ने यह मांग नहीं मानी। उल्टा इस मुद्दे पर भाजपा की भूमिका की ही आलोचना हुई थी। इसी वजह से केडीएमसी की महासभा में भाजपा किस तरह का रुख अपनाएगी, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर टिकी थी।
कांग्रेस की गुटनेता कांचन कुलकर्णी ने महासभा स्थगित करने के फैसले पर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि महासभा जनता के सवाल सुलझाने के लिए बुलाई जाती है, लेकिन राजनीतिक मुद्दे पर सभा टाल देना सिर्फ नाटक है। उन्होंने सवाल किया कि अगर भाजपा को मनसे से इतना ही विरोध है तो वह सत्ता से बाहर क्यों नहीं निकलती। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए भी विरोध जताने की भाजपा की भूमिका दोहरी है।
मनसे के गुटनेता प्रल्हाद म्हात्रे ने भी महासभा में भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, 'इतना विरोध है तो सत्ता से बाहर क्यों नहीं पड़ते? सत्ता की मलाई खाने के लिए तुम सत्ता में हो। महापौर हमने बिठाया है। हमारे पास बहुमत है। तुम सत्ता से बाहर निकलो।'
मोदी के फोटो वाले इस प्रकरण से केडीएमसी में सत्तारूढ़ पार्टियों के बीच मतभेद फिर सामने आ गए हैं। एक तरफ शिवसेना शिंदे गुट, भाजपा और मनसे की सत्ता कायम है, दूसरी तरफ राजनीतिक मुद्दों पर तीनों पार्टियों में टकराव भी दिखाई दे रहा है। महासभा स्थगित करने के मुद्दे पर मनसे ने सीधे भाजपा को सत्ता से बाहर निकलने की चुनौती दे दी है, जिससे यह टकराव और तेज हो गया है। अब आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का केडीएमसी के सत्ता समीकरण और तीनों पार्टियों के आपसी रिश्तों पर क्या असर पड़ता है।