शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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दिवाली में आंखों का मेकअप: काजल, ग्लिटर और मस्कारा लगाने से पहले ये पांच बातें

सेहत PT24 टीम

गरबा और दिवाली की तैयारी में आंखों का मेकअप भारी पड़ सकता है। खुजली, पानी आना और पलकों की सूजन से बचने के लिए पांच बातें बताई गई हैं।

दिवाली शुरू होते ही गरबा की धूम मच जाती है। नए कपड़े, चटक मेकअप, ग्लिटर, गहरा काजल और मस्कारा, सब मिलाकर लुक जमता भी खूब है। लेकिन दिवाली के कुछ दिन बाद कई लोग आंखों में खुजली, पानी आने और पलकों में सूजन की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास पहुंचते हैं।

इसकी वजह घंटों तक आंखों पर टिका रहने वाला मेकअप बताया गया है। ऊपर से गर्मी, धूल और गरबे की भागदौड़ भी रहती है। जिनकी आंखें पहले से नाजुक हैं, उन्हें सबसे पहले तकलीफ होती है। त्योहार की खुशी के साथ आंखों का ख्याल रखना है, तो ये पांच बातें ध्यान में रखने को कही गई हैं।

पहली बात, नया प्रोडक्ट सीधे आंख पर न लगाएं। नया काजल, आईलाइनर या मस्कारा लाए हैं तो उसे गरबे वाले दिन पहली बार इस्तेमाल न करें। एक या दो दिन पहले थोड़ा सा प्रोडक्ट कान के पीछे या हाथ के अंदर की तरफ लगाकर 24 से 48 घंटे देखें। लालिमा, खुजली या सूजन आ जाए तो वह प्रोडक्ट आपके लिए ठीक नहीं है और उसे आंख के पास बिल्कुल न लगाएं। सलाह यह भी है कि बिना खुशबू वाला, एलर्जी कम करने वाला और आंखों के डॉक्टर की जांच से गुजरा प्रोडक्ट लें, क्योंकि मेकअप की खुशबू और केमिकल से आंखों में एलर्जी हो सकती है।

दूसरी बात, पलक के अंदर काजल न लगाएं। कई महिलाओं को निचली पलक के अंदर काजल लगाने की आदत होती है। दिखने में अच्छा लगता है, पर आंखों के लिए ठीक नहीं बताया गया। पलक के अंदरूनी किनारे पर छोटी ग्रंथियां होती हैं जो आंख को नमी देने वाला तेल बनाती हैं। वहां काजल के कण जम जाएं तो ये ग्रंथियां बंद हो जाती हैं। फिर पलकों पर गांठ, सूजन और आंखों में सूखापन हो सकता है। इसके बजाय पलक के बाहर बालों की लाइन पर आईलाइनर लगाएं, हो सके तो लिक्विड आईलाइनर। गरबे में पसीना आने पर काजल फैलकर आंख में जाने का खतरा भी रहता है।

तीसरी बात, ग्लिटर और नकली पलकों में सावधानी रखें। ग्लिटर का एक छोटा कण भी आंख की बाहरी परत पर खरोंच कर सकता है। इससे तुरंत दर्द होता है और कभी कभी इन्फेक्शन भी हो जाता है। इसलिए सिर्फ आंखों के लिए बना ग्लिटर इस्तेमाल करें, क्राफ्ट वाला नहीं। ढीले पाउडर वाले आईशैडो की जगह क्रीम या प्रेस्ड आईशैडो लें। नकली पलकें लगाएं तो बिना लेटेक्स वाला गोंद लें और उसे पलक की जड़ में न लगने दें। लेंस पहनती हैं तो मेकअप से पहले लेंस लगाएं और मेकअप हटाने से पहले लेंस निकालें। गरबे में आंखें सूखी लगें या जलन हो तो लेंस तुरंत निकाल दें।

चौथी बात, सहेली का मेकअप इस्तेमाल न करें। गरबे में दोस्त का काजल या मस्कारा लगा लेना आम है, लेकिन इससे आंखों का इन्फेक्शन, यानी आंखें आना, एक से दूसरे में फैल सकता है। हर कोई अपना प्रोडक्ट रखे। काजल पेंसिल को इस्तेमाल से पहले अच्छे से शार्प करें। मस्कारा खोलने के तीन महीने बाद और लिक्विड आईलाइनर छह महीने बाद बदलना चाहिए। प्रोडक्ट सूख जाए तो उसमें पानी या थूक डालकर दोबारा न बरतें, इससे बैक्टीरिया बढ़ते हैं।

पांचवीं बात, सोने से पहले मेकअप पूरा हटाएं। रात को देर से घर लौटें तब भी बिना मेकअप हटाए न सोएं। रातभर मेकअप रहा तो पलकों की ग्रंथियां बंद हो जाती हैं और आंखों में जलन होती है। पहले हाथ साफ धोएं, फिर रुई के पैड पर बिना खुशबू वाला मेकअप रिमूवर लेकर आंख के भीतरी कोने से बाहर की तरफ धीरे से पोंछें। आंखें जोर से न रगड़ें। धूल या ग्लिटर चला गया हो तो साफ पानी से आंखें धो लें।

आंखें लाल रहना, दर्द होना, रोशनी न सही जाना, धुंधला दिखना, आंख से चिपचिपा पानी आना या पलकों में सूजन जैसी दिक्कत हो तो अपनी मर्जी से कोई ड्रॉप न डालें। सलाह है कि फौरन आंखों के डॉक्टर के पास जाएं।

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