दिवाली पर घर में बनाएं मिठाई की दुकान जैसे नरम बूंदी के लड्डू
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बेसन, चाशनी और थोड़े से पिस्ते से बनने वाले बूंदी के लड्डू फ्रिज में 7 दिन आराम से चलते हैं। बूंदी गोल बनाने और चाशनी संभालने के तरीके यहां हैं।
दिवाली आए और मिठाई की बात न हो, ऐसा कम ही होता है। मिठाइयों में बूंदी का लड्डू सबका पसंदीदा है। दुकान से लाए लड्डू अच्छे लगते हैं, पर घर पर बने लड्डू का स्वाद अलग ही होता है। घर में बनाओ तो मीठा कितना रखना है, यह अपने हाथ में रहता है। खर्च भी कम आता है और लड्डू ज्यादा बनते हैं। त्योहार के दिन घर पर मिठाई बनाने का मजा ही कुछ और है। तो आइए देखें कि दुकान जैसे नरम और रसीले बूंदी के लड्डू घर पर कैसे बनते हैं।
बूंदी के लिए 2 कप बेसन, चुटकी भर केसरी खाने का रंग, जरूरत के हिसाब से पानी, पाव चम्मच खाने का सोडा और तलने के लिए तेल चाहिए। चाशनी के लिए डेढ़ कप शक्कर, एक कप पानी, पाव चम्मच केसरी रंग, आधा चम्मच इलायची पाउडर, एक चम्मच नींबू का रस और 2 चम्मच पिस्ता लगेगा।
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में 2 कप बेसन लें। उसमें चुटकी भर केसरी रंग डालें और थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर घोल बना लें। ध्यान रखें कि घोल में गुठली न रहे।
घोल कैसा हो, यह बहुत मायने रखता है। ज्यादा गाढ़ा होगा तो बूंदी में पूंछ निकल आती है और ज्यादा पतला होगा तो बूंदी चपटी बनती है। इसलिए घोल को बीच की गाढ़ाई पर रखें। घोल तैयार होने पर आखिर में पाव चम्मच खाने का सोडा डालें और हल्के हाथ से मिला लें।
अब कढ़ाई में तेल गरम होने रखें। तेल अच्छे से गरम हो जाए तो हाथ में छन्नी लें, उस पर थोड़ा घोल डालें और धीरे-धीरे गरम तेल में छोड़ें। घोल छन्नी से बूंद-बूंद गिरना चाहिए, तभी गोल-गोल बूंदी बनती है। एक साथ बहुत सारी बूंदी न डालें, वरना वे आपस में चिपक जाती हैं। बूंदी कुरकुरी हो जाए तो उसे निकालकर किचन पेपर पर रखें, ताकि फालतू तेल निकल जाए।
अब चाशनी बनाते हैं। एक पतीले में डेढ़ कप शक्कर और एक कप पानी डालकर 2 मिनट उबलने दें। चाशनी चिपचिपी नहीं करनी है, उसे पतली ही रखना है। चाशनी हो जाए तो गैस बंद कर दें। इस गरम चाशनी में केसरी रंग, एक चम्मच नींबू का रस और आधा चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं। नींबू का रस डालने से चाशनी में गोले नहीं बनते, यह बात याद रखें।
अब लड्डू बांधने की बारी है। तैयार चाशनी में तली हुई बूंदी, कटे हुए पिस्ते और काजू डालें और सब कुछ अच्छे से मिला लें। चाशनी हर बूंदी पर लगनी चाहिए।
मिश्रण थोड़ा गुनगुना हो जाए तब लड्डू बांधना शुरू करें। ज्यादा गरम होगा तो हाथ जल जाएगा और ज्यादा ठंडा हो गया तो लड्डू बंधेंगे ही नहीं। इसलिए गुनगुने मिश्रण से ही हल्के हाथ से लड्डू बनाएं।
बस, दुकान जैसे बूंदी के लड्डू तैयार हैं। इन्हें फ्रिज में रखें तो 7 दिन आराम से चलते हैं। दिवाली में मेहमान आएं तो फटाफट निकालकर पेश कर दें। इस दिवाली एक बार ये लड्डू घर पर जरूर बनाकर देखें। घरवालों को बहुत पसंद आएंगे।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।