दिल्ली में आंदोलन के दौरान छात्राओं से मारपीट, वीडियो वायरल होने पर चार गिरफ्तार
डीडीयू मार्ग पर हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद दिल्ली पुलिस ने हिंदू रक्षा दल से जुड़े चार लोगों को पकड़ा।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में कल बड़ा आंदोलन हुआ। यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों की तरफ से बुलाया गया था और अब पूरे देश में इसकी चर्चा है। CJP के संस्थापक अभिजित दिपके, उनके साथियों और विपक्ष के कुछ नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जिससे काफी हलचल मच गई थी।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैला। उसमें 'हिंदू रक्षा दल' के कुछ कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल छात्राओं को मारते दिख रहे हैं। वीडियो में यह भी दिखता है कि यह सब दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में हो रहा था। इसके बाद लोगों में भारी गुस्सा है और पुलिस के इंतजाम और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना डीडीयू मार्ग पर कमला मार्केट पुलिस थाने के इलाके में हुई। वायरल वीडियो में कुछ लोग युवा छात्रों को पीटते और महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं। फुटेज में मौके पर एक पुलिसकर्मी भी खड़ा दिखाई देता है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके नाम रमण सैनी (50), विवेकानंद उर्फ विवेक (32), कपिल कुमार (27) और रविंदर सिंह उर्फ गोविंद हिंदू (35) हैं।
पुलिस के पास इस घटना की कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई थी। लेकिन वीडियो बड़े पैमाने पर वायरल हुआ तो पुलिस ने खुद ही मामले का संज्ञान लिया। जानकारी मिली थी कि ये लोग दिल्ली-एनसीआर छोड़कर जा सकते हैं, इसलिए जांच तेज की गई। शुरुआत में यह साफ नहीं था कि वीडियो ठीक कहां बना है। फिर सुरक्षा एजेंसियों ने जांच करके जगह ढूंढ निकाली और चारों को पकड़ लिया।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी यह वीडियो ट्वीट किया और केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि सरकार जितना दबाएगी, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना बढ़ेगा। राहुल गांधी के मुताबिक सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और देश के युवा एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सोमवार को वे मुख्य न्यायाधीश से मिलेंगे।
दिल्ली में यह आंदोलन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ भी चल रहा है। 10 अक्टूबर को शहर के अलग-अलग हिस्सों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। अब सबकी नजर इस पर है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।