CJP संस्थापक अभिजीत दीपके विमान से हिरासत में, दिल्ली में 1,700 से ज्यादा आंदोलक पकड़े गए
SIR प्रक्रिया के खिलाफ जंतर-मंतर पर बुलाए गए कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से पहले दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया।
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राजधानी दिल्ली में SIR प्रक्रिया के खिलाफ चल रहे आंदोलन से माहौल गरम हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन बुलाया था। लेकिन आंदोलन शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और दूसरे पदाधिकारियों को विमान से ही हिरासत में ले लिया, ऐसी जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि CJP के आंदोलन को छात्र संगठनों, जेन-झी और विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है। इसी वजह से दिल्ली में बड़ी तादाद में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
अभिजीत दीपके के साथ आयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को भी IGI एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद हिरासत में लिए जाने की बात कही जा रही है। इसके अलावा अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी और ध्रुव राठी समेत कई लोगों को हिरासत में लेने का दावा किया गया है। मुंबई में तुषार गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया, ऐसी जानकारी है। खबर यह भी है कि दिल्ली पुलिस ने कुल 1,700 से ज्यादा आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया है।
अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी पर राज ठाकरे भड़क उठे हैं। उन्होंने मोदी और शाह के खिलाफ गुस्से भरी पोस्ट लिखी और इसे "पराकाष्ठा की तानाशाही" यानी हद दर्जे की तानाशाही बताया। यह पोस्ट अब चर्चा में है।
पुलिस के हिरासत में लेने की आशंका को देखते हुए अभिजीत दीपके ने शुक्रवार की रात ही एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड कर लिया था। उनके हिरासत में जाने के बाद CJP ने यह वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने आंदोलनकारियों से एकजुट रहने की अपील की है।
दीपके ने कहा है कि वे और दूसरे पदाधिकारी भले हिरासत में हों, आंदोलन रुकेगा नहीं। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर के आंदोलन की अगुवाई अजिंक्य शिंदे को सौंपी गई है। साथ ही उन्होंने अपील की कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हर हाल में जारी रखी जाए।
इस बीच बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने आंदोलनों पर लगाई जा रही पाबंदियों पर नाराजगी जताई है। एसोसिएशन ने सरकार जिस तरह आंदोलनों पर रोक लगा रही है, उसे "अघोषित आपातकाल" कहते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है।
केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की आंदोलनकारियों पर की गई इस कार्रवाई से मामला और गरमाने के आसार हैं। आगे इस आंदोलन का रुख क्या होगा, इस पर सियासी गलियारों की नजर टिकी है।