गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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चंद्रपुर नगर निगम में राजेश अडूर को फिर मिली कांग्रेस के दल नेता की मान्यता

सियासत PT24 टीम

विभागीय आयुक्त के 5 नवंबर 2026 के आदेश से सुरेंद्र अडबाले का नाम रद्द हुआ और अडूर को कांग्रेस का दल नेता माना गया।

चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस के दल नेता पद को लेकर चल रहे झगड़े पर आखिर फैसला हो गया है। विभागीय आयुक्त ने 5 नवंबर 2026 को जो आदेश निकाला, उसके मुताबिक पार्षद राजेश अडूर को कांग्रेस का दल नेता माना गया है। इस पद पर पहले दर्ज सुरेंद्र अडबाले का नाम रद्द कर दिया गया है।

आदेश में लिखा है कि कांग्रेस के 27 पार्षदों में से 15 ने सुनवाई के दौरान अडूर के पक्ष में अपने दस्तखत की पुष्टि की। यह विवाद पिछले कई महीनों से चल रहा था और इसमें हाईकोर्ट की नागपुर बेंच का भी जिक्र आया है। विभागीय आयुक्त और प्रादेशिक संचालक के इस आदेश में राजेश मुरली अडूर को फिर से कांग्रेस के दल नेता के तौर पर मान्यता दी गई है, जबकि सुरेंद्र विठ्ठलराव अडबाले का नाम हटाया गया है। इस प्रशासकीय फैसले से चंद्रपुर के सियासी हलकों में हलचल मची है।

अब पूरा सिलसिला समझ लें। 15 जनवरी 2026 को हुए नगर निगम के आम चुनाव में कांग्रेस के 27 पार्षद जीते थे। इसके बाद 6 फरवरी 2026 को राजेश अडूर को सर्वसम्मति से पार्टी का दल नेता चुना गया था। लेकिन कुछ महीने बाद, 16 जून 2026 को 16 पार्षदों ने साथ आकर सुरेंद्र अडबाले के नाम का प्रस्ताव प्रशासन को दिया। इस पर 21 जुलाई 2026 को प्रशासन ने अडबाले का नाम कांग्रेस के दल नेता के रूप में दर्ज कर लिया।

इस फैसले के खिलाफ राजेश अडूर और उनके 10 समर्थक पार्षद मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में गए थे। मामला कोर्ट में लंबित था, तभी 29 सितंबर 2026 को अडूर ने अपने 15 समर्थक पार्षदों के साथ दल नेता बदलने और उप-नियम (गुट के नियमों) में सुधार का नया प्रस्ताव दिया। विभागीय आयुक्त के सामने हुई सुनवाई में कांग्रेस के 27 में से 15 पार्षद अडूर के साथ खड़े हुए और उनके दस्तखत की साफ पुष्टि की। उधर हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर 2026 को निर्देश दिया था कि इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला लिया जाए। इन सब बातों और 15 पार्षदों के बहुमत को आधार बनाकर विभागीय आयुक्त ने अडबाले की नियुक्ति रद्द की और अडूर के नाम पर मुहर लगा दी।

इस घटनाक्रम से जिले की कांग्रेस का अंदरूनी झगड़ा एक बार फिर सामने आ गया है। कुछ दिन पहले ही वरिष्ठ नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा था, "पार्टी के मतभेद भूलकर अब सबको मिलकर काम पर लगना चाहिए और इसकी शुरुआत हम चंद्रपुर से करेंगे।" पर ताजा आदेश के बाद इस सत्ता संघर्ष से यही तस्वीर उभरती है कि कांग्रेस में वडेट्टीवार और धानोरकर गुट के बीच की पुरानी दूरी अब भी बनी हुई है।

आदेश को फौरन लागू करने के निर्देश देते हुए विभागीय सहआयुक्त रवींद्र भेलाई ने इसकी कॉपी महापौर, जिलाधिकारी, नगर निगम आयुक्त, राजेश अडूर और सुरेंद्र अडबाले समेत सभी संबंधित विभागों को भेजी है।

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