मोठागाव रेल्वे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर के लिए ठेकेदार तय, 18 महीने का लक्ष्य
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मोठागाव रेलवे क्रॉसिंग पर चार लेन के फ्लाईओवर के लिए नगर निगम प्रशासन ने ठेकेदार नियुक्त कर दिया है। राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 97 करोड़ रुपये पहले ही मंजूर किए हैं।
डोंबिवली और आसपास के लोगों को ट्रैफिक जाम से जल्द राहत मिल सकती है। मोठागाव रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले चार लेन के फ्लाईओवर के लिए नगर निगम प्रशासन ने आखिरकार ठेकेदार की नियुक्ति कर दी है। इस पुल का इंतज़ार लोग काफी समय से कर रहे थे।
राज्य सरकार इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए करीब 97 करोड़ रुपये का फंड पहले ही मंजूर कर चुकी है। अब ठेकेदार तय हो जाने से असली काम शुरू होने का रास्ता खुल गया है। वर्क ऑर्डर दिए जाने के बाद अगले 18 महीनों के अंदर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले हालत यह थी कि डोंबिवली से ठाणे, मुंबई या भिवंडी की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को कल्याण-शील या कल्याण-नाशिक रोड से लंबा चक्कर काटना पड़ता था। इसका हल निकालने के लिए उल्हास नदी पर 'मोठागाव-माणकोली' पुल बनाया गया, जिससे सफर आसान हुआ। लेकिन इस पुल की तरफ जाने वाला रास्ता JNPT रेलवे लाइन के फाटक से होकर गुज़रता है। इसलिए फाटक खुलने के इंतज़ार में वाहन चालकों को घंटों खड़े रहना पड़ता था। लगातार लगने वाले इस जाम से लोग परेशान थे, और स्थानीय लोग इस मसले पर बार-बार पीछा करते रहे।
नए फ्लाईओवर की कुल लंबाई करीब 750 मीटर होगी। यह माणकोली पुल की तरफ से शुरू होगा, रेलवे क्रॉसिंग पार करेगा और आगे वाले चौक तक जाएगा। यहां की ट्रैफिक व्यवस्था आसान रखने के लिए पुल की चार लेन दो अलग-अलग दिशाओं में उतारी जाएंगी। इनमें से दो लेन सम्राट चौक की तरफ जाने वाली सड़क पर उतरेंगी, जबकि बाकी दो लेन 'ह' वार्ड क्षेत्र कार्यालय की तरफ जाने वाली सड़क पर उतरेंगी।
इस प्रोजेक्ट का इतिहास काफी पुराना है। 2007 में तत्कालीन पदाधिकारियों ने इस पुल की मांग की थी। शुरू में एक लेन वाला और कम फंड का प्रस्ताव था, जो बाद में DFCC प्रोजेक्ट की वजह से रद्द हो गया। फिर बढ़ते हादसों और लोगों की परेशानी को देखते हुए 2023 में यह मुद्दा दोबारा उठा। आने वाले समय में बढ़ने वाले ट्रैफिक को ध्यान में रखकर मांग की गई कि पुल एक लेन की जगह चार लेन का बने। आखिर में राज्य सरकार ने चार लेन के पुल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। रास्ते में आने वाले प्रभावित लोगों की जगहों के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी सरकारी दर पर मुआवज़ा देकर पूरी कर ली गई है।
माणकोली पुल की वजह से भिवंडी ग्रामीण इलाके से आने वाले लोगों का सफर पहले ही आसान हो चुका है। अब मोठागाव के इस चार लेन वाले रेलवे फ्लाईओवर से सब्ज़ी बेचने वालों, रोज़ नौकरी पर जाने वालों और खरीदारी के लिए निकलने वालों का डोंबिवली शहर से जुड़ना काफी वक्त बचाने वाला होगा। रेलवे फाटक पर इंतज़ार खत्म होने से डोंबिवली का पूरा ट्रैफिक ज़्यादा तेज़ और सुचारु होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
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