गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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कर्मयोगी शंकररावजी पाटील कारखाने के सभी 21 संचालक निर्विरोध चुने गए

कर्मयोगी शंकररावजी पाटील कारखाने के सभी 21 संचालक निर्विरोध चुने गए तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

इंदापुर तालुका के कर्मयोगी शंकररावजी पाटील सहकारी साखर कारखाने में 21 सीटों के लिए 21 ही उम्मीदवार बचे। प्रक्रिया पर उठे सवाल अब भी कायम हैं।

इंदापुर तालुका के महात्मा फुलेनगर-बिजवडी में स्थित कर्मयोगी शंकररावजी पाटील सहकारी साखर कारखाने का चुनाव बुधवार (4 तारीख) को निर्विरोध हो गया। यह सन 2021-2031 का पंचवार्षिक चुनाव था। चुनाव राष्ट्रीय सहकारी साखर कारखाना महासंघ, नई दिल्ली के अध्यक्ष और कारखाने के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटील के मार्गदर्शन में पूरा हुआ।

उम्मीदवारी आवेदन वापस लेने का बुधवार आखिरी दिन था। उस दिन 21 सीटों के लिए 21 ही आवेदन बचे थे। इसके बाद चुनाव निर्णय अधिकारी डॉ. यशवंत माने ने निर्विरोध चुनाव का ऐलान कर दिया। निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों में हर्षवर्धन पाटील और राजवर्धन पाटील जैसे नाम शामिल हैं।

निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों के नाम इस तरह हैं: हर्षवर्धन पाटील, राजवर्धन पाटील, राकेश रमेशप्रसाद शुक्ला, रविंद्र वामन सरडे, शांतीलाल दत्तात्राय शिदे, छगन धोडीबा भोंगळे, निलेश शामराव देवकर, राजेद्रकुमार प्रतापराव देवकर, संतोष लक्ष्मण काळे, श्रीकांत खिंवराव देवकर, विजय विठ्ठल खर्चे, पराग रमेशराव जाधव, रणजित नामदेव निकम, रोहित राजेंद्र गायकवाड, बिभिषण कल्याण नलवडे, अतुल शिवाजी शिगाडे, वसंत खंडू मोहोळकर, हरिश्चंद्र सदाशिव पारेकर, रत्नमाला संपत पवार, सुमन नारायण व्यवहारे और अमोल सुभाष जाधव।

हर्षवर्धन पाटील ने चुनाव निर्विरोध कराने में मिले सहयोग के लिए सबका आभार जताया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, कृषिमंत्री दत्तात्रय भरणे, सांसद सुप्रिया सुळे, पार्थ पवार, जिला परिषद अध्यक्ष वीरधवल जगदाळे, जिला बैंक के संचालक आप्पासाहेब जगदाळे, प्रदीप गारटकर और प्रवीण माने का नाम लिया। उन्होंने सर्वपक्षीय नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सदस्यों को भी धन्यवाद दिया। यह सहयोग सूखे के हालात की पृष्ठभूमि में मिला।

चुनाव निर्विरोध तो हो गया, पर इस चयन की प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल अब भी बने हुए हैं। उम्मीदवारी आवेदन वापस लेने के लिए दबाव डाले जाने के आरोप लगे हैं। एक आपत्ति यह भी है कि आखिरी मियाद के बाद आवेदन वापस हुए। चुनाव निर्णय अधिकारी यशवंत माने के स्पष्टीकरण को लेकर भी चर्चा चल रही है। इन सबसे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा सामने आ गया है।

इसी बीच शरद चितारे ने पत्रकार परिषद में अमोल सुभाष जाधव के कथित दो जाति प्रमाणपत्रों पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। ये प्रमाणपत्र ओबीसी और अनुसूचित जाति श्रेणी के बताए गए हैं। चितारे का दावा है कि उन्होंने मुंबई उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने चुनाव स्थगित करने और फिर से चुनाव कराने की मांग भी की है।

दूसरी तरफ एक और सवाल अहम माना जा रहा है। कारखाना चलाने की जिम्मेदारी बाबुराव बोत्रे-पाटील के पास है, ऐसे में नए संचालक मंडल के अधिकार असल में कितने होंगे। एक वक्त राज्य में नाम कमाने वाला कर्मयोगी कारखाना अभी पूरी क्षमता से शुरू नहीं हुआ है। इसी वजह से सदस्यों, गन्ना उत्पादक किसानों और मज़दूरों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

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