महिला किसानों को अब मिलेगी सरकारी पहचान, ऑनलाइन पोर्टल शुरू
महाराष्ट्र में महिला किसान सशक्तीकरण कानून के तहत अब महिला किसान प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन अर्ज किया जा सकेगा।
यवतमाळ से एक बड़ी खबर सामने आई है। महिला किसानों को सरकारी योजनाओं, कृषि कर्ज, बीमा, कृषि निविष्ठा और अलग अलग कल्याणकारी कार्यक्रमों का फायदा आसानी से मिल सके, इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने २२ जुलाई को महिला किसान सशक्तीकरण अधिनियम लागू किया था। इस कानून के तहत महिला किसानों को मान्यता देना, उन्हें प्रमाणपत्र देना और उनका एक अधिकृत डेटाबेस तैयार करना, ये तीन काम करने की तरतूद रखी गई है।
अब इसी कानून के तहत महिला किसान प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी उपलब्ध करा दिया गया है। कृषि विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर कोई भी पात्र महिला किसान इस प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन अर्ज कर सकती है। खास बात ये है कि महिला को किसान मानने के लिए सिर्फ जमीन का मालिकाना हक देखा नहीं जाएगा, बल्कि वो खेती और उससे जुड़े कामों में असल में कितनी भागीदारी निभा रही है, ये देखा जाएगा।
इस कानून में किसान की परिभाषा काफी बड़ी रखी गई है। इसमें फसल लगाना, बीज उत्पादन, पशुपालन, मुर्गीपालन, डेयरी व्यवसाय, मधुमक्षीपालन, मछलीपालन, रेशम उत्पादन, फलों और फूलों की खेती, मशरूम की खेती, कृषि-वानिकी और खाद बनाने जैसे तमाम काम शामिल हैं। इसके अलावा जो महिलाएं ठेके पर या बटाई पर खेती करती हैं, भूमिहीन किसान हैं, भूमिहीन पशुपालक हैं, खेतमजदूर हैं, नर्सरी में मजदूरी करती हैं या पशु चराने का काम करती हैं, उन्हें भी इसमें शामिल किया गया है।
राज्य की ग्रामपंचायत या नगरपंचायत क्षेत्र में रहने वाली और खेती के काम में लगी १८ साल या उससे ज्यादा उम्र की कोई भी महिला इस प्रमाणपत्र के लिए पात्र मानी जाएगी। ऑनलाइन अर्ज आने के बाद उसे अगली नियमित ग्रामसभा में या इसी काम के लिए बुलाई गई खास ग्रामसभा में रखा जाएगा।
ग्रामसभा से महिला किसान के तौर पर मान्यता मिलने के बाद पदनिर्देशित अधिकारियों को १५ दिन के अंदर प्रमाणपत्र देना होगा, ऐसी तरतूद इस कानून में की गई है। नगरपंचायत क्षेत्र के अर्जों को अगली आम सभा में रखकर वहां फैसला लिया जाएगा, और मान्यता मिलने के बाद वहां भी १५ दिन के अंदर प्रमाणपत्र दिया जाएगा। कृषि विभाग के सेवा संकल्प अभियान के तहत १७ सितंबर से १७ अक्टूबर तक इस कानून को लागू करते हुए पात्र महिला किसानों की पहचान करने, उन्हें प्रमाणपत्र के लिए अर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी ट्रेनिंग व जनजागृति करने पर खास जोर दिया जा रहा है।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे ने कहा कि राज्य की सभी पात्र महिला किसानों को कृषि विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर महिला किसान प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन अर्ज करना चाहिए और इस योजना का फायदा उठाना चाहिए।