मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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23:50 IST

ब्राज़ील चुनाव में मोबाइल चोरी बना बड़ा मुद्दा, वोटरों की सुरक्षा पर सवाल

ब्राज़ील में मोबाइल चोरी अब चुनावी मुद्दा बन गई है।

ब्राज़ील चुनाव में मोबाइल चोरी बना बड़ा मुद्दा, वोटरों की सुरक्षा पर सवाल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

ब्राज़ील में स्मार्टफोन का बढ़ता इस्तेमाल अब लोगों के लिए फिक्र की वजह बन गया है। मोबाइल चोरी की घटनाएं बढ़ने से देश में पब्लिक सुरक्षा का सवाल सामने आ गया है। सड़क पर चलते हुए, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करते हुए या भीड़ वाली जगह पर फोन इस्तेमाल करना भी खतरनाक लगने लगा है, ऐसी भावना लोगों में बढ़ रही है।

खास बात यह है कि मोबाइल चोरी का मामला अब सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। यह चुनाव का एक अहम राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है।

ब्राज़ीलियन पब्लिक सिक्योरिटी फोरम के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में देशभर में करीब 8 लाख 30 हजार मोबाइल चोरी की घटनाएं दर्ज हुईं। 2023 से चोरी की घटनाओं में गिरावट आ रही है, फिर भी लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

ब्राज़ील में मोबाइल फोन लोगों की रोज की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। सोशल मीडिया चलाने, बैंकिंग लेनदेन करने, पैसे भेजने और ऑनलाइन खरीदारी के लिए स्मार्टफोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। इसलिए फोन चोरी होने का मतलब सिर्फ एक महंगा उपकरण खोना नहीं है। इससे निजी जानकारी और बैंक खातों की सुरक्षा पर भी खतरा खड़ा हो जाता है।

ब्राज़ील में पिक्स (Pix) नाम के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। फोन चोरी होने के बाद चोरों द्वारा फोन में मौजूद बैंकिंग ऐप्स का गलत इस्तेमाल होने का डर रहता है। कुछ मामलों में फोन चोरी के साथ आर्थिक धोखाधड़ी की घटनाएं भी सामने आई हैं।

ब्राज़ीलियन कंटेंट क्रिएटर तबाता लेन्क के साथ हुई घटना इसकी एक मिसाल बनी। साओ पाउलो शहर में ट्रैफिक जाम में फंसी होने के दौरान बाइक पर सवार चोरों ने उनकी कार का शीशा तोड़कर मोबाइल चुरा लिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से करीब 2 हजार ब्राज़ीलियन रियाल निकाल लिए गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मोबाइल चोरी का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया।

अब यह मुद्दा ब्राज़ील के 2026 के राष्ट्रपति चुनाव में अहम बन रहा है। राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लुला दा सिल्वा और उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो, दोनों ने इस समस्या पर सख्त कदम उठाने का वादा किया है।

लुला ने चोरी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए कड़ी सजा वाला कानून बनाया है और ऐसे उपकरणों का रिकॉर्ड रखने के लिए राष्ट्रीय रजिस्ट्रेशन सिस्टम शुरू किया है। इस कानून के तहत दोषियों को दस साल तक की जेल हो सकती है। दूसरी तरफ फ्लावियो बोल्सोनारो ने मोबाइल चोरी के जुर्म में कम से कम आठ साल की सजा की बात रखी है।

देश में मोबाइल चोरी की करीब एक तिहाई घटनाएं साओ पाउलो शहर में होती हैं। पुलिस की तरफ से चोरी के फोन जब्त करने की मुहिम चलाई जा रही हैं, लेकिन उन्हें असली मालिकों तक पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।

कुल मिलाकर, ब्राज़ील में मोबाइल चोरी अब सिर्फ अपराध का मामला नहीं रहा। लोगों की रोजमर्रा की सुरक्षा से जुड़ा यह सवाल चुनाव में उम्मीदवारों के लिए भी अहम बन गया है।

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