सांगली जिला बैंक चुनाव में 21 सीटों के लिए 351 नामांकन, अब तक का रिकॉर्ड
सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की 21 सीटों के लिए 351 उम्मीदवारी अर्ज दाखिल हुए हैं, जिनमें मौजूदा और पूर्व विधायक-सांसद भी शामिल हैं।
सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के पंचवार्षिक चुनाव के लिए 21 सीटों पर कुल 351 उम्मीदवारी अर्ज दाखिल हुए हैं। यह अब तक का रिकॉर्ड है। गुरुवार अर्ज भरने का आखिरी दिन था और उस एक दिन में 147 लोगों ने अर्ज दाखिल किए।
बैंक का चुनाव 22 सितंबर को घोषित हुआ था। उसके बाद 24 सितंबर से उम्मीदवारी अर्ज भरने की प्रक्रिया शुरू हुई। आखिरी दिन जिला बैंक के मुख्यालय में बने चुनाव दफ्तर में उम्मीदवारों के साथ कार्यकर्ताओं की भी बड़ी भीड़ जमा थी। आखिर में आने वाले कुछ लोगों ने पहले अर्ज भरा होने के बावजूद डमी अर्ज भी भरा।
अब इन सभी अर्जों की छानबीन सोमवार (दि. 5) को होगी। छानबीन में किसका अर्ज रद्द होगा, इसकी धुकधुकी उम्मीदवारों को लगी हुई है। इस बार पहली बार इतने बड़े पैमाने पर अर्ज आए हैं, इसलिए चुनाव में कांटे की टक्कर होना तय माना जा रहा है।
आखिरी दिन अर्ज भरने वालों में आमदार इद्रिस नायकवडी, पूर्व आमदार विक्रमसिंह सावंत, बैंक के मौजूदा संचालक महेंद्र लाड, अजितराव घोरपडे और प्रकाश जमदाडे शामिल हैं। जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष अमरसिंह देशमुख, जिला परिषद के उपाध्यक्ष ऋषिकेश लाड, सांगली बाजार समिति के पूर्व सभापति सुजय शिंदे और दिनकर पाटील ने भी अर्ज भरे। कडेगाव पंचायत समिति के सभापति जितेश कदम, पूर्व नगराध्यक्ष वैभव पाटील, बसवराज पाटील, चन्नाप्पा होर्तीकर, रमेश पाटील, सदाशिव खाडे, सिकंदर जमादार और केदार नलवडे भी इनमें हैं। बाजार समिति के पूर्व उपसभापति महादेव अंकलगी, बाजार समिति संचालक बाबासो माली, किरण लाड, समित कदम, प्रतिभा पाटील, वैभव पवार, निलेश येसुगडे और हणमंत देशमुख के नाम भी इस सूची में हैं।
पूरे चुनाव के लिए अर्ज भरने वाले दिग्गजों में खासदार विशाल पाटील, पूर्व खासदार संजयकाका पाटील, आमदार डॉ. विश्वजीत कदम, आमदार सुरेश काले, सत्यजित देशमुख और गोपीचंद पडलकर के नाम हैं। पूर्व आमदार अजितराव घोरपडे, विक्रमसिंह सावंत और सुमनताई पाटील ने भी अर्ज दिया है। मौजूदा संचालक महेंद्र लाड के साथ संग्रामसिंह देशमुख, पृथ्वीराज पाटील, वैभव शिंदे, चिमण डांगे, मनोज शिंदे, बालासाहेब होनमोरे, अनिता सगरे, अमोल बाबर, देवराज पाटील, विराज नाईक और रणधीर नाईक भी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
बैंक का चुनाव घोषित होने से पहले ही महाविकास आघाड़ी और भाजपा के बीच विवाद बहुत बढ़ चुका है। इसलिए कौन किसका पत्ता काटेगा और किसे मैदान से हटना पड़ेगा, यह छानबीन के बाद ही साफ होगा।