बिहार विधान परिषद के दो निर्दलीय विजेता भाजपा में गए, जेडीयू ने उठाए सवाल
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विधान परिषद चुनाव जीतने वाले राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी के भाजपा में जाने पर जेडीयू ने सवाल उठाए हैं।
बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद एनडीए के घटक दल जेडीयू और भाजपा के बीच तनातनी की खबर है। वजह दो निर्दलीय विजेताओं का भाजपा में जाना है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राहुल राज निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बंशीधर ब्रजवासी निर्दलीय विधान परिषद सदस्य के रूप में जीते। जेडीयू ने इन दोनों के भाजपा में शामिल होने पर सवाल उठाया है।
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने राहुल राज की भाजपा में वापसी पर सवाल करते हुए पूछा कि जिस आदमी को पार्टी से 6 साल के लिए निकाला गया था, उसे इतनी जल्दी किन हालात में दोबारा पार्टी में ले लिया गया। उनका कहना था कि भाजपा और उसके सर्वोच्च नेतृत्व को इस पर सोचना चाहिए।
इसी बीच पूर्व मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ विधायक श्याम राजक ने कहा कि किसी भी पार्टी को निर्दलीय सदस्यों का समर्थन करने का हक है। उनके मुताबिक अगर भाजपा ने उन्हें समर्थन दिया है तो वह नियमों के दायरे में है। लेकिन श्याम राजक ने यह भी कहा कि चुनाव जीतने के बाद कोई निर्दलीय किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अगर दोनों भाजपा में शामिल हुए हैं तो यह पूरी तरह अनैतिक और गलत है।
राजद के प्रवक्ता शक्ति यादव ने पूरे मामले पर जेडीयू को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जनता दल (यू) की हालत देखिए, जो कभी अपनी शर्तों पर चलती थी। उनके शब्दों में, वह भाजपा को चुनौती देती थी, आरजेडी के सहारे का इस्तेमाल करती थी और लोगों को डराती थी। शक्ति यादव ने कहा कि आज वही जेडीयू गुहार लगा रही है। उन्होंने कहा कि उमेश कुशवाहा कह रहे हैं कि गठबंधन का पालन होना चाहिए और वरिष्ठ नेतृत्व को इस पर विचार करना चाहिए।
शक्ति यादव ने आगे कहा कि अब भाजपा जेडीयू की मर्जी पर निर्भर नहीं है, बल्कि जनता दल (यू) भाजपा की मर्जी पर निर्भर है। उनका कहना था कि भाजपा को समझ आ गया है कि जेडीयू का अस्तित्व ही नहीं बचा, और उसका अस्तित्व भाजपा की मर्जी पर टिका है। उन्होंने कहा कि अब उमेश कुशवाहा भाजपा के पास जाकर भीख मांगें या न मांगें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
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