मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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19:03 IST

भगवान गड के दशहरा मेले में पंकजा मुंडे बोलीं, देश जलाने वाले युवा नहीं चाहिए

बीड के भगवानगड पर दशहरा मेले में भाजपा नेता पंकजा मुंडे ने युवाओं, जातीय दीवारों और सूखे पर अपनी बात रखी।

भगवान गड के दशहरा मेले में पंकजा मुंडे बोलीं, देश जलाने वाले युवा नहीं चाहिए तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

भाजपा नेता पंकजा मुंडे की तरफ से बीड के भगवानगड में इस साल भी हमेशा की तरह दशहरा मेला रखा गया था। वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कई मुद्दों पर बात की। भारत समेत कुछ देशों में चल रहे Gen Z आंदोलनों का जिक्र भी उन्होंने किया।

पंकजा मुंडे ने नई पीढ़ी को देशभक्ति, देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदार नेतृत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा, "देश जलाने वाले युवा नहीं चाहिए।" देश के प्रति सम्मान, देशभक्ति और सामाजिक मेलजोल की बात करते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि "हमें अपना ही देश जलाने वाले युवा नहीं चाहिए।" साथ ही उन्होंने Gen Z यानी नई पीढ़ी से अपील की कि वह नेतृत्व करते समय मुद्दों पर जोर दे।

दुनिया भर के संघर्ष और अस्थिरता का हवाला देते हुए पंकजा मुंडे ने फ्रांस के हालात का जिक्र किया। रूस-यूक्रेन और ईरान की जंग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि देश का सम्मान न करने वाली युवा पीढ़ी हमें नहीं चाहिए।

गोपीनाथ मुंडे के विचारों और जयप्रकाश नारायण के साथ काम कर चुके नेतृत्व का हवाला देकर उन्होंने युवाओं के सामने एक आदर्श रखा। उनके भाषण का संदेश यह था कि आज की युवा पीढ़ी सक्षम है, लेकिन नेतृत्व करना हो तो वह विचारों और मुद्दों के दम पर होना चाहिए। सिर्फ आक्रामकता या संघर्ष से नेतृत्व खड़ा नहीं होता।

महाराष्ट्र में सूखे का संकट है और ऐसे में समाज में फूट डालने की कोशिशें हो सकती हैं, यह चिंता पंकजा मुंडे ने जताई। उन्होंने कहा कि जाति की दीवारें खड़ी करने के बजाय उन्हें तोड़ने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, "मैंने अंतरवाली को गोद लिया है। इस गांव का विकास करूंगी और बीड जितना ही प्यार करूंगी।" उनके मुताबिक गांव-गांव में प्यार फैलना चाहिए। जाति के आधार पर बड़ा बनने की कोशिश करने वालों को आगे चलकर कामयाबी नहीं मिलेगी, यह भी उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ा-लिखा और प्रशिक्षित नेतृत्व देश को सही दिशा दे सकता है, जबकि जिनके पास साफ एजेंडा नहीं होता, वे समाज में तनाव पैदा करते हैं।

सूखे के मुद्दे पर पंकजा मुंडे ने बताया कि वह पहले भी सूखे जैसे हालात संभाल चुकी हैं। इस बार भी संकट का सामना करने के लिए कोशिश करने की बात उन्होंने साफ तौर पर कही।

उन्होंने बताया कि CSR फंड के जरिए चारा अनुदान के लिए वह नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर काम करेंगी और सूखा पीड़ितों को मदद का सहारा देने की कोशिश करेंगी। नदी संरक्षण के लिए जमीन पर काम करने का इरादा भी उन्होंने जताया।

इस तरह भगवान गड के दशहरा मेले में पंकजा मुंडे ने एक तरफ युवाओं को देशभक्ति और जिम्मेदार नेतृत्व का संदेश दिया, तो दूसरी तरफ जातिभेद दूर करने और सूखे के उपायों का संकल्प जताया।

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