सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 319 | Very Poor 08:35 IST

भद्रावती के तीन गांवों में गांववालों ने बनाए वनराई बांध

विलोडा, कोंडेगाव और खुटवंटा में बारिश का पानी रोकने के लिए लोगों की भागीदारी से वनराई बांध बने हैं।

भद्रावती के तीन गांवों में गांववालों ने बनाए वनराई बांध तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चंद्रपुर: भद्रावती तहसील के तीन गांवों में लोगों की भागीदारी से वनराई बांध बनाए गए हैं। ये गांव हैं विलोडा, कोंडेगाव और खुटवंटा। इन तीनों जगह यह काम एक साथ हाथ में लिया गया।

इस काम का मकसद साफ है। बारिश का जो पानी बहकर बेकार चला जाता है, उसे वहीं रोका जाए और जमीन में उतारा जाए। उम्मीद है कि इससे आने वाली गर्मी में पानी की किल्लत की मार कुछ कम होगी।

पंचायत समिति भद्रावती के खंड विकास अधिकारी आशुतोष सपकाळ इस मुहिम में शामिल हुए। नरेगा विभाग के अधिकारी खोडे और तीनों गांवों के ग्रामीण भी साथ रहे। प्रशासन का मार्गदर्शन मिला और गांववालों ने श्रमदान किया, तब जाकर यह काम पूरा हो सका।

प्रशासन की देखरेख में उठाया गया यह कदम गांव के इलाकों में जल संरक्षण के कामों को रफ्तार देने के लिए है। लोगों की सीधी भागीदारी से बांध खड़े किए गए हैं। इसके जरिए 'पानी रोको, पानी जमीन में उतारो' की पुरानी सोच को जमीन पर उतारा गया है।

इन बांधों से बारिश का पानी स्थानीय स्तर पर रुका रहेगा। इसका फायदा यह होगा कि आसपास के इलाके में पानी का भंडार बढ़ेगा और जमीन में नमी बनी रहेगी। भूजल का स्तर ऊपर उठाने यानी पुनर्भरण में भी इससे बड़ी मदद मिलेगी। खासकर उन गांवों के लिए, जिन्हें कड़ी गर्मी के दिनों में पानी की तेज किल्लत झेलनी पड़ती है, ऐसे जल संरक्षण के काम बहुत राहत देने वाले साबित हो रहे हैं।

यह पहल सिर्फ बांध बनाने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य मकसद गांव के लोगों को यह समझाना भी है कि इंसानी जिंदगी में पानी की कितनी अहमियत है। लोगों को पानी का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल टालकर किफायत से बरतने की बात बताई जा रही है। साथ ही इलाके के जलस्रोतों की हिफाजत और संवर्धन को लेकर गांवों में बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाना भी इसका हिस्सा है।

इस कामयाब प्रयोग के बाद जिला प्रशासन की ओर से अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि हर गांव अपने इलाके की भौगोलिक हालत के हिसाब से जल संरक्षण के टिकाऊ काम हाथ में ले और मौजूद प्राकृतिक जलस्रोतों को सहेजकर रखे।

विलोडा, कोंडेगाव और खुटवंटा में चला यह उपक्रम प्रशासन की पहल और लोगों की भागीदारी, दोनों के मिले-जुले प्रयास का नतीजा है। पानी की किल्लत जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए इससे एक मजबूत सामूहिक नींव पड़ी है। इसके साथ ही 'पानी रोको, पानी जमीन में उतारो' का संदेश पूरे ग्रामीण इलाके में और असरदार ढंग से पहुंचने में मदद मिल रही है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे