शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

अमेरिकी-इस्राइली रब्बी योसेफ मिझराही के वीडियो पर भारत से इस्राइल तक नाराजगी

अमेरिकी-इस्राइली रब्बी योसेफ मिझराही के वीडियो पर भारत से इस्राइल तक नाराजगी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दुनिया PT24 टीम

हिंदू परंपराओं और गोमाता का मजाक उड़ाने वाले एक वायरल वीडियो के बाद रब्बी योसेफ मिझराही सोशल मीडिया पर घिर गए हैं। भारत और इस्राइल, दोनों जगह लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं।

अमेरिकी-इस्राइली यहूदी धर्मगुरु (रब्बी) योसेफ मिझराही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है और उसके बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में उन पर हिंदू धर्म और भारतीय परंपराओं का मजाक उड़ाने का आरोप है। खास तौर पर पवित्र मानी जाने वाली गोमाता और हिंदू धार्मिक प्रथाओं को लेकर की गई उनकी बातों पर लोग भड़के हुए हैं। भारत ही नहीं, इस्राइल समेत दुनिया के कई देशों में नाराजगी दिख रही है। यहां तक कि यहूदी समुदाय के कई समझदार लोगों ने भी इसे गलत और आपत्तिजनक बताया है।

वीडियो में मिझराही हिंदू धर्म और भारतीय जीवनशैली पर टिप्पणी करते दिखते हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत में कई परिवार अपने घर के लिविंग रूम में गायों को बांधकर रखते हैं और गाय जब पेशाब करती है तो फर्श चाट लेते हैं। इतने पर वे रुके नहीं। उन्होंने भारतीय डॉक्टरों और मेडिकल व्यवस्था का भी मखौल उड़ाया। उनका कहना था कि नई दिल्ली के अस्पतालों में मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों ने शायद एक रात पहले गोमूत्र पिया होगा। उन्होंने नई दिल्ली की सड़कों पर गायों के होने का भी मजाक बनाया और कहा कि आने-जाने वाले उन्हें हटा नहीं पाते।

अपने भाषण में मिझराही ने यह भी कहा, "भगवान का शुक्र है कि मुझे भारतीयों जैसा नहीं बनाया।" उन्होंने भारत के एक आदमी का किस्सा भी सुनाया, जो उनके फेसबुक पेज पर काम करता था और यहूदी धर्म अपनाना चाहता था। उसके परिवार के गाय को पूजने की बात कहते हुए उन्होंने हिंदू प्रथाओं की खिल्ली उड़ाई। आलोचकों का कहना है कि सहिष्णुता और सम्मान हर धर्म की बुनियाद है और यह बयान उसी के खिलाफ है। कई लोगों ने इसे नस्लवाद भी कहा है।

सबसे पहला और तीखा विरोध इस्राइल से ही आया। मशहूर इस्राइली लेखक और शोधकर्ता येशाया रोझेनमन ने मामले को गंभीरता से लिया और मिझराही की बातों को सामने रखा। रोझेनमन कुछ समय भारत में रहकर पढ़ाई कर चुके हैं, इसलिए वे भारतीय संस्कृति को करीब से जानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे गैर-जिम्मेदार बयानों से दुनिया में इस्राइल की छवि को बड़ा धक्का लग रहा है। रोझेनमन के मुताबिक मिझराही का विवादित बयान देने का पुराना इतिहास है। वे पहले ईसाइयों, मुसलमानों और ऑटिज्म वाले बच्चों के बारे में भी बेहद असंवेदनशील बातें कह चुके हैं।

भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, पर साफ कहा कि दूसरों की धार्मिक परंपराओं का मजाक उड़ाना और उनका अनादर करना इंसानी मूल्यों पर सीधा हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की नस्लीय नफरत पूरी मानवता के लिए बहुत खतरनाक है।

वीडियो सामने आने के बाद X और बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीयों के साथ कई इस्राइली नागरिकों ने भी मिझराही को जमकर कोसा। ज्यादातर लोगों की राय थी कि धर्मगुरु होने का मतलब यह नहीं कि दूसरे धर्म का अपमान करने का लाइसेंस मिल गया। कुछ यूजर्स ने सरकार से मांग की है कि मिझराही के इस्राइल में आने पर हमेशा के लिए पाबंदी लगा दी जाए। X पर रोमन बिष्ट नाम के एक यूजर ने लिखा, "हाथी अपनी राह चलता रहता है, कुत्ते भौंकते रहते हैं। मिझराही को खुद पर शर्म आनी चाहिए।"

भारत में यहूदी समुदाय का दो हजार साल से ज्यादा पुराना सुरक्षित और समृद्ध इतिहास है। यहां करीब 5 हजार से ज्यादा यहूदी नागरिक मेलजोल और सम्मान के साथ रहते हैं। भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में है, जहां यहूदियों को कभी नस्लीय या धार्मिक उत्पीड़न नहीं झेलना पड़ा। इसलिए एक माथेफिरू धर्मगुरु के बयान से भारत और इस्राइल के ऐतिहासिक और पारिवारिक रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, फिर भी सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर नया अंतरराष्ट्रीय विवाद छिड़ गया है।

#नागपुर#दुनिया#PT24#World#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे