अमेरिकी हमले के डर के बीच ईरान ने परमाणु ठिकानों के आसपास बांटीं आयोडीन की गोलियां
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि परमाणु ठिकानों के आसपास रहने वालों को आयोडीन दी जा रही है। उधर अमेरिका में ईरान के खिलाफ फिर सैन्य कार्रवाई पर विचार चल रहा है।
अमेरिकी हमले की आशंका के बीच ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों के आसपास रहने वाले लोगों को आयोडीन की गोलियां बांटनी शुरू कर दी हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
अधिकारी के हवाले से कहा गया है, "हां, हम आयोडीन बांट रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा, "ट्रंप पर अब भरोसा नहीं किया जा सकता। वह यह जुर्म कर भी सकते हैं।"
अधिकारी के मुताबिक ईरानी प्रशासन जब भी सैन्य तनाव बढ़ा है, परमाणु प्रतिष्ठानों के 2 से 3 किलोमीटर के दायरे में यह बचाव वाली दवा लगातार बांटता रहा है। इन गोलियों का मकसद इंसान की थायरॉइड ग्लैंड को रेडिएशन से बचाना बताया गया है।
इसी बीच ईरान के एक राजनीतिक पत्रकार ने बताया कि हाल की एक ब्रीफिंग में सरकारी अधिकारियों को जानकारी दी गई कि ईरान के बेहद मजबूत Pickaxe Mountain परमाणु ठिकाने पर अमेरिकी हमले पर गंभीरता से विचार हो रहा है।
अमेरिका की तरफ से भी हलचल तेज है। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से मुलाकात की। चर्चा इस पर थी कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर शुरू की जाए या नहीं। इन अधिकारियों ने बताया कि व्हाइट हाउस में अहम बैठकें बुधवार और गुरुवार, दोनों दिन हुईं।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में 9 नवंबर को अमावस है, यानी चांदनी बहुत कम या बिल्कुल नहीं होगी। सैन्य अभियानों के लिहाज से इसे बहुत फायदेमंद हालात माना जाता है।
गुरुवार को ही ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन जल्द ही जंग दोबारा शुरू करने पर "फैसला" लेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका को और हमले करने चाहिए, ताकि ईरान का परमाणु कार्यक्रम हमेशा के लिए खत्म हो जाए और "यह फिर कभी न हो।"
हालात की गंभीरता पर ट्रंप ने कहा, "मैं बाकी देश को तबाह नहीं करना चाहूंगा, अगर हो सके। लेकिन शायद मुझे करना पड़े। आपको जल्द ही पता चल जाएगा।"
एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से आई ताजा खबरों के मुताबिक अमेरिकी सेंट्रल कमांड ईरान में बड़े अभियान दोबारा शुरू करने की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। हालांकि वॉशिंगटन से औपचारिक निर्देश अभी नहीं आए हैं।
गुरुवार को फोन पर हुई बातचीत में इराक के प्रधानमंत्री अली फलेह अल-ज़ैदी ने ट्रंप से कहा कि इराक की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए किसी भी हालत में नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय ने X पर जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने देशों की संप्रभुता के सम्मान और अपने इलाके को पड़ोसी देशों के खिलाफ हमले के लिए लॉन्चपैड न बनने देने के इराक के रुख को दोहराया।
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