मिडटर्म में हार की एक वजह ईरान थी, ट्रंप ने खुद मानी बात
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अमेरिका के मध्यावधी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदन जीत लिए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में माना कि रिपब्लिकन पार्टी की हार में ईरान का भी हाथ रहा।
अमेरिका में मध्यावधी चुनाव हो चुके हैं और नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार कामयाबी हासिल करते हुए कांग्रेस के दोनों सदनों पर कंट्रोल कर लिया है। इस चुनाव पर पूरी दुनिया की नजर थी।
इस हार को लेकर अब खुद ट्रंप ने एक बात मानी है। एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि क्या ईरान में चल रही जंग का चुनाव पर असर पड़ा। ट्रंप ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इसकी एक वजह ईरान था।" उनके इस बयान से साफ हुआ कि जंग से बने हालात और उनका अमेरिकी वोटरों पर पड़ा असर रिपब्लिकन पार्टी के लिए मुसीबत बन गया।
नतीजों की बात करें तो डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में जीत दर्ज की। इससे रिपब्लिकन पार्टी सत्ता से दूर हो गई है। अब ट्रंप प्रशासन को संसद में पहले से ज्यादा तीखे विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
आने वाले दिनों में डेमोक्रेट्स सरकार के फैसलों की निगरानी, जंग से जुड़ी नीतियों और आर्थिक मुद्दों पर सवाल उठा सकते हैं। यानी ट्रंप के बाकी कार्यकाल में सियासी चुनौतियां बढ़ने वाली हैं।
चुनाव में महंगाई भी बड़ा मुद्दा रही। ईरान जंग की वजह से अमेरिका में ईंधन के दाम बढ़े और महंगाई का दबाव बना। इसका सीधा असर आम अमेरिकी लोगों के रोजमर्रा के खर्च पर पड़ा। जंग को लेकर नाराजगी और बढ़ती जरूरी खर्चों की फिक्र चुनाव में अहम साबित हुई। विश्लेषण में माना जा रहा है कि इसी वजह से वोटरों ने रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ वोट दिया।
ट्रंप जब सत्ता में आए थे, तब उन्होंने जोर देकर कहा था कि वे दूसरे देशों की जमीन पर चल रही जंग पूरी तरह बंद करेंगे। इसके बाद उन्होंने ईरान के साथ जंग शुरू की। इसके चलते अमेरिका में उनकी लोकप्रियता गिरी और उनके खिलाफ मोर्चे भी निकाले गए। आखिर में चुनाव के जरिए लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
अब जब खुद ट्रंप ने ईरान जंग और चुनावी हार का रिश्ता मान लिया है, तो उनकी विदेश नीति पर भी नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।
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