आकासा एयर ने रियाध और जेद्दाह की उड़ानें नवंबर तक रोकीं, यात्रियों को पूरा रिफंड
आकासा एयर ने सऊदी अरब की सुरक्षा हालत को देखते हुए जेद्दाह की उड़ानें 10 नवंबर और रियाध की उड़ानें 30 नवंबर तक रद्द कर दी हैं।
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भारतीय एयरलाइन आकासा एयर (Akasa Air) ने सऊदी अरब जाने और वहां से आने वाली अपनी उड़ानों की रोक की मियाद और बढ़ा दी है। मध्य पूर्व में फौजी तनाव बढ़ रहा है और सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं। इसी माहौल में कंपनी ने यह फैसला लिया है।
कंपनी के नए ट्रैवल अपडेट के मुताबिक जेद्दाह आने-जाने वाली उड़ानें 10 नवंबर तक रद्द रहेंगी। रियाध की उड़ानें 30 नवंबर तक बंद रहेंगी। एयरलाइन ने सऊदी अरब में बिगड़ती सुरक्षा हालत का जायजा लेने के बाद यह कदम उठाया।
आकासा एयर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ट्रैवल एडवाइजरी के जरिए यात्रियों को इसकी जानकारी दी। 23 अक्टूबर को जारी बयान में कंपनी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और क्रू की भलाई उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कंपनी का कहना है कि सऊदी अरब के मौजूदा सुरक्षा माहौल को बारीकी से और रियल टाइम में परखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर ही उड़ानों की रोक बढ़ाई गई है।
अचानक उड़ानें रद्द होने से मुसाफिरों को खासी परेशानी हो रही है। सऊदी जाने वाले भारतीय कामगार और यात्री भी इसमें शामिल हैं। यात्रियों पर पैसों का बोझ न पड़े, इसके लिए एयरलाइन ने राहत का ऐलान किया है। प्रभावित यात्री टिकट का पूरा रिफंड ले सकते हैं, जो सात दिन के अंदर उनके मूल पेमेंट खाते में जमा हो जाएगा। चाहें तो वे बिना कोई अलग पैसा दिए अपनी सहूलियत से यात्रा की तारीख बदलवा सकते हैं। जिन्होंने ट्रैवल एजेंट या थर्ड पार्टी ऐप से बुकिंग की है, उनसे कहा गया है कि वे फौरन अपने एजेंट से संपर्क करें।
सऊदी अरब में आम ठिकानों और ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाने वाले हमलों से दुनिया भर में चिंता है। 21 अक्टूबर को दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सऊदी अरामको के अहम शायबाह तेल क्षेत्र पर हमले की कोशिशें हुई थीं। भारत के विदेश मंत्रालय ने इसकी कड़ी निंदा की थी। यमन में ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों की तरफ से सऊदी के बुनियादी ढांचे पर लगातार मिसाइल और विस्फोटक ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। इस वजह से कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने सऊदी की उड़ानें रद्द कर दी हैं या उनके रूट बदल दिए हैं।
सऊदी अरब में मौजूद लाखों भारतीयों और उमराह यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सऊदी में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास फंसे हुए भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए दूसरी एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ लगातार तालमेल कर रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में 3,000 से ज्यादा फंसे उमराह यात्री खास और उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट से भारत लौट चुके हैं। 10,000 से ज्यादा और भारतीयों को चरणों में वापस लाने का काम जंगी स्तर पर चल रहा है। रियाध और जेद्दाह के भारतीय दूतावासों ने 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम शुरू किए हैं। भारतीयों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर यकीन न करें और सुरक्षा गाइडलाइंस मानें।
सऊदी अरब में इस समय 27 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं, इसलिए भारत सरकार वहां के हालात पर करीबी नजर रखे हुए है। सऊदी सरकार के स्थानीय कानूनों के मुताबिक हमलों या मिसाइलें रोके जाने की घटनाओं के वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर शेयर न करने की चेतावनी भी भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को दी है। विमानन क्षेत्र के जानकारों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में हालात सामान्य होने के बाद ही उड़ान सेवा फिर शुरू होगी।
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