मक्का की ग्रैंड मस्जिद में आत्मघाती हमले के दावे सऊदी ने नकारे, एक शख्स हिरासत में
सऊदी सार्वजनिक सुरक्षा विभाग ने मक्का की ग्रैंड मस्जिद में आत्मघाती हमले की खबर को खारिज किया है।
पिछले कुछ घंटों में सोशल मीडिया पर खबर तेजी से फैली कि सऊदी अरब के बेहद पवित्र माने जाने वाले मक्का की ग्रैंड मस्जिद में आत्मघाती हमले की कोशिश हुई है। इंटरनेट पर वायरल दावों के मुताबिक एक संदिग्ध ने विस्फोटक जैकेट पहनकर मस्जिद के बहुत संवेदनशील हिस्से में एंट्री ली और वह काबा के बिल्कुल पास पहुंच गया था।
कुछ अधूरी रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि विस्फोटक में तकनीकी खराबी आ गई, इसलिए धमाका टल गया। इन अफवाहों से दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय में चिंता और डर का माहौल बन गया था।
अब सऊदी अरब के सार्वजनिक सुरक्षा विभाग (Saudi Public Security Directorate) ने इन सब दावों पर आधिकारिक सफाई जारी की है। सऊदी अधिकारियों ने आत्मघाती हमले या बम धमाके की कोशिश की खबर को पूरी तरह खारिज कर दिया है। प्रशासन ने साफ किया कि मस्जिद में ऐसा कोई विस्फोटक या जैकेट मिला ही नहीं। लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी बिना जांची या गुमराह करने वाली खबर पर भरोसा न करें।
हालांकि आत्मघाती हमले का दावा झूठा निकला, फिर भी मक्का मस्जिद के परिसर में सुरक्षा बलों ने एक शख्स को हिरासत में लिया है। सऊदी सार्वजनिक सुरक्षा विभाग की जानकारी के मुताबिक इस शख्स ने ग्रैंड मस्जिद में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेवजह परेशान करना शुरू कर दिया था। साथ ही मस्जिद के पवित्र माहौल में हंगामा करके लोगों में घबराहट और डर फैलाने की कोशिश की।
सुरक्षाकर्मियों ने मामले की गंभीरता समझते हुए उसे मौके से ही फौरन गिरफ्तार कर लिया। सऊदी कानून के तहत जरूरी शुरुआती पूछताछ पूरी होने के बाद मामला अब आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए 'पब्लिक प्रॉसिक्यूशन' यानी सार्वजनिक अभियोजन विभाग को सौंप दिया गया है। प्रशासन ने एक बार फिर जोर देकर कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और वहां की शांति भंग करने वाली किसी भी हरकत के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना के पीछे मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे तीखे सैन्य और राजनीतिक तनाव को वजह माना जा रहा है। सऊदी अरब ने हाल के समय में यमन के हूती विद्रोहियों पर मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों को निशाना बनाने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया था। सऊदी की अगुवाई वाले सैन्य गठबंधन के मुताबिक हूती विद्रोहियों ने मदीना के 'तैबा बिजली वितरण केंद्र' पर ड्रोन हमला किया था, जो पवित्र मस्जिद को बिजली सप्लाई करने का अहम काम करता है।
दूसरी तरफ हूती गुट के प्रमुख अब्दुल मलिक अल-हूती ने सऊदी अरब के ये सारे दावे खारिज कर दिए हैं। हूती नेताओं के मुताबिक मक्का या धार्मिक स्थलों पर हमले के दावे सऊदी सरकार की राजनीतिक और सैन्य नाकामी छिपाने के लिए फैलाया गया प्रचार (Propaganda) हैं। हूतियों ने उलटा आरोप लगाया कि मुस्लिम दुनिया की हमदर्दी पाने के लिए सऊदी ऐसी कहानियां गढ़ रहा है। उन्होंने साफ किया कि हूती गुट सिर्फ सऊदी के सैन्य ठिकानों, एयरपोर्ट और तेल रिफाइनरियों को ही निशाना बना रहा है।