गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

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12:58 IST

8 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है वायुसेना दिवस, जानिए इतिहास और अहमियत

हर साल 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना का स्थापना दिवस मनाया जाता है। 1932 में बनी वायुसेना का इतिहास, ताकत और आपदा में योगदान।

8 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है वायुसेना दिवस, जानिए इतिहास और अहमियत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

हर साल 8 अक्टूबर का दिन हर हिंदुस्तानी के लिए फख्र और इज्जत का दिन होता है। इस दिन देश भारतीय वायुसेना को सलाम करता है, जो भारत के आसमान की हिफाजत करती है, सरहद पर चौकस पहरा देती है और मुश्किल घड़ी में लोगों की जान बचाती है। वायुसेना 1932 में बनी थी और आज उसकी गिनती दुनिया की बेहतरीन और आधुनिक वायुसेनाओं में होती है।

वायुसेना का आदर्श वाक्य है "नभः स्पृशं दीप्तम्", यानी आसमान को छूने वाला तेज। यह सिर्फ एक लाइन नहीं है। यह हर वायुवीर के हौसले और वफादारी की निशानी है।

अब थोड़ा इतिहास देखें। 8 अक्टूबर 1932 को अंग्रेजों के राज में इसकी नींव पड़ी और तब इसका नाम "रॉयल इंडियन एयर फोर्स" था। शुरुआत में कुछ गिने-चुने विमान और उंगलियों पर गिने जा सकने वाले हवाई सैनिक थे। वहां से चला यह सफर आज बहुत बड़े और आधुनिक रूप में हमारे सामने है। 1950 में भारत गणराज्य बना तो नाम से "रॉयल" शब्द हटा दिया गया और इसे आधिकारिक तौर पर "भारतीय वायुसेना" कहा जाने लगा।

आजादी के बाद की हर जंग में वायुसेना ने अपना दम दिखाया है। चाहे 1947-48 की लड़ाई हो, 1965 का भारत-पाक युद्ध हो, 1971 का बांग्लादेश मुक्ति युद्ध हो या 1999 की कारगिल की जंग, हर बार उसने अपने जबरदस्त पराक्रम से दुश्मन के दांत खट्टे किए।

तकनीक के मामले में भी आज की वायुसेना काफी आगे है। गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस समेत देश भर के अलग-अलग अड्डों पर होने वाले एयर शो और परेड में इस ताकत की झलक दिखती है। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और देश में बना तेजस जैसे लड़ाकू विमान जब आसमान में कलाबाजियां दिखाते हैं तो देखने वालों की आंखें फटी रह जाती हैं। इसके अलावा सी-17 ग्लोबमास्टर, सी-130जे सुपर हरक्यूलिस और चिनूक व अपाचे जैसे आधुनिक हेलिकॉप्टर वायुसेना की ढुलाई और लड़ने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देते हैं।

वायुसेना का काम सिर्फ जंग तक सीमित नहीं है। देश या पड़ोसी मुल्कों पर जब भी कुदरती आफत आती है, वायुसेना सबसे पहले मदद के लिए पहुंचती है। उत्तराखंड की भयानक बाढ़ हो, केरल की तबाही हो या कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन और मेडिकल सामान पहुंचाने का काम हो, हमारे वायुवीरों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर लाखों लोगों की जिंदगी बचाई है।

वायुसेना दिवस सिर्फ फौजी जश्न नहीं है। यह ऐसा मौका है जब पूरा देश एक साथ अपने सैनिकों का शुक्रिया अदा करता है। आज जब हम अपने घरों में चैन से सोते हैं, तब हमारे सिर के ऊपर वायुसेना के विमान दिन-रात पहरा दे रहे होते हैं। इस दिन हम उन तमाम अमर जवानों और सैनिकों को सलाम करते हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी।

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