बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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18:48 IST

मीरा रोड की पूनम इस्टेट में नवरात्रि पर नया विवाद, 120 परिवारों को नहीं मिली इजाज़त

बकरी ईद के विवाद के बाद अब नवरात्रि के आयोजन को लेकर पूनम इस्टेट क्लस्टर-1 में रहिवासी और सोसायटी आमने-सामने हैं।

मीरा रोड की पूनम इस्टेट में नवरात्रि पर नया विवाद, 120 परिवारों को नहीं मिली इजाज़त तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मीरा रोड की पूनम इस्टेट क्लस्टर-1 में बकरी ईद के वक्त हुए विवाद के बाद अब नवरात्रि के आयोजन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हर साल की तरह इस बार भी करीब 120 परिवारों ने सोसायटी के पदाधिकारियों से सोसायटी की सामायिक जगह में गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की इजाज़त मांगी थी। सोसायटी ने इसके लिए ना-हरकत प्रमाणपत्र देने से मना कर दिया, जिससे रहिवासियों में नाराज़गी है।

पूनम इस्टेट क्लस्टर-1 में करीब 625 फ्लैट हैं और यहां अलग-अलग धर्मों के लोग रहते हैं। रहिवासियों ने 11 से 20 अक्टूबर के बीच गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम करने का प्रस्ताव दिया था। ये कार्यक्रम सोसायटी की सामायिक जगह में होने थे। रहिवासियों का कहना था कि आयोजन के दौरान सोसायटी के नियम, प्रशासन की सूचनाएं, सुरक्षा व्यवस्था, सफाई और बाकी ज़रूरी नियमों का पालन किया जाएगा।

सोसायटी की तरफ से बताया गया है कि 28 सितंबर को हुई सर्वसाधारण सभा में तय किया गया था कि ऐसे कार्यक्रमों को इजाज़त नहीं दी जाएगी। इसी फैसले के आधार पर नवरात्रि की इजाज़त नामंज़ूर की गई। जो रहिवासी नवरात्रि का आयोजन करना चाहते हैं, उन्होंने इस पर एतराज़ जताया है। उनका सवाल है कि क्या पिछले विवाद की वजह से त्योहारों के कार्यक्रमों पर रोक लगाना सही है।

इस मामले में रहिवासी उमाजांकर नाग ने शिकायत की है। उनका आरोप है कि जब रहिवासी सोसायटी के नियम और प्रशासन की सूचनाएं मानकर त्योहार मनाने को तैयार थे, तब एकतरफा तरीके से नवरात्रि की इजाज़त नकारना ठीक नहीं है। सामायिक जगह के इस्तेमाल में ज़रूरी अनुशासन और सुरक्षा रखने की तैयारी के बावजूद मना किए जाने से रहिवासी नाराज़ हैं।

इससे पहले इस मामले की शिकायत ठाणे तालुका के उपनिबंधक, सहकारी संस्था के पास भी की गई थी। बताया जाता है कि उपनिबंधक कार्यालय ने सोसायटी को निर्देश दिया है कि शिकायत के मुद्दों पर कानून और सोसायटी के उपविधि के मुताबिक उचित कार्रवाई की जाए। अब रहिवासियों की नज़र इस पर है कि नवरात्रि के आयोजन पर आगे क्या फैसला होता है।

बकरी ईद के विवाद की बात करें तो पूनम इस्टेट क्लस्टर में पहले बकरियां लाकर रखने के मुद्दे पर झगड़ा हुआ था। कुछ रहिवासियों के एतराज़ के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे। यह विवाद दो गुटों के बीच मारपीट में बदल गया था, जिसके बाद पूनम इस्टेट इलाका चर्चा में आया। इस घटना के बाद बताया गया कि मीरा-भायंदर महानगरपालिका ने इमारत परिसर में बकरी पालन और कुर्बानी को लेकर नियम लागू किए हैं। इसके बाद धार्मिक कार्यक्रमों, सामायिक जगह के इस्तेमाल और सोसायटी के नियमों को लेकर रहिवासियों में संवेदनशीलता बढ़ी है।

दूसरी तरफ, सोसायटी के पदाधिकारियों ने साफ किया है कि नवरात्रि का विरोध करने के पीछे कोई धार्मिक मकसद नहीं है। उनका कहना है कि सोसायटी किसी भी त्योहार के आयोजन के खिलाफ नहीं है। पहले इलाके में जो विवाद हुआ था, उसी को देखते हुए 28 सितंबर की सर्वसाधारण सभा में यह फैसला लिया गया।

सोसायटी पदाधिकारी रूपा पिंटो, दानिश जेक और मिनाज डोख की दी जानकारी के मुताबिक सर्वसाधारण सभा में लिए गए फैसले को लागू करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि इलाके की शांति, सुरक्षा और आगे कोई विवाद न हो, इसी नज़रिए से यह फैसला लिया गया।

एक तरफ सोसायटी ने पिछले विवाद के बाद सुरक्षा और शांति का मुद्दा आगे रखा है, तो दूसरी तरफ इजाज़त मांगने वाले रहिवासी नियम मानने को तैयार हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच तालमेल बिठाकर हल निकालने की ज़रूरत खड़ी हो गई है। रहिवासियों का कहना है कि नवरात्रि धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ कई परिवारों के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है। इसलिए दूसरी जगह, वक्त की योजना, सुरक्षा व्यवस्था और ध्वनि प्रदूषण के नियमों पर प्रशासन और सोसायटी को साफ रुख अपनाना चाहिए।

अब पूनम इस्टेट के रहिवासियों की नज़र इस पर है कि सर्वसाधारण सभा के प्रस्ताव, सोसायटी के उपविधि और उपनिबंधक कार्यालय के निर्देशों के आधार पर नवरात्रि को लेकर क्या फैसला होता है। देखना अहम होगा कि पिछले विवाद को दोहराए बिना सभी धर्मों के लोगों के लिए नियमों के दायरे में त्योहार मनाने का रास्ता निकलता है या नहीं।

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