बिना लाइसेंस शेयर टिप्स देने वाले फिनफ्लुएंसर्स पर सेबी की कार्रवाई
सेबी अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन गलत टिप्स देने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अहम खबर है। सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने बताया कि रेगुलेटर हर महीने सोशल मीडिया से करीब 6,000 से 7,000 गुमराह करने वाली पोस्ट हटा रहा है।
एक कार्यक्रम में पांडे ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने अपना 'प्रोजेक्ट जागृत' शुरू किया। इसका मकसद निवेशकों में जागरूकता बढ़ाना है, ताकि वे धोखाधड़ी से बच सकें।
पांडे ने साफ किया कि कई प्रभावशाली लोग प्रमोटरों के साथ मिलकर 'पंप अंड डंप' जैसे घोटाले कर रहे हैं। इसमें शेयर का भाव जानबूझकर बढ़ाया जाता है और फिर उसे बेच दिया जाता है। सेबी ऐसे लोगों पर लगातार नजर रखे हुए है।
सेबी प्रमुख के मुताबिक असली दिक्कत तब शुरू होती है, जब ये फाइनेंशियल सलाहकार अपनी हद पार कर जाते हैं। अगर कोई बिना लाइसेंस या रेगुलेटरी रजिस्ट्रेशन के किसी खास स्टॉक को खरीदने या कोई खास निवेश रणनीति अपनाने की पक्की सलाह देता है, तो यह बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। इससे निवेशकों का बड़ा नुकसान हो सकता है। पांडे ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है और सेबी ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अधिकार रखता है।
पांडे के मुताबिक फिन-इन्फ्लुएंसर्स के तीन मुख्य किस्म हैं। पहले वे, जो सेबी में रजिस्टर्ड हैं और नियमों के दायरे में रहकर काम करते हैं। दूसरे वे, जो रजिस्टर्ड नहीं हैं, लेकिन सिर्फ अपनी राय या जानकारी शेयर करते हैं। तीसरे वे, जो नियम तोड़ते हैं और बिना लाइसेंस के बिना सबूत वाली टिप्स देते हैं।
सेबी इसी तीसरी किस्म के लोगों पर कार्रवाई कर रहा है। इस कार्रवाई में सिर्फ उनका कंटेंट नहीं हटाया जा रहा। सबूतों के आधार पर उन्होंने गैरकानूनी तरीके से जो मुनाफा कमाया, उसे भी जब्त किया जा रहा है। कई मामलों में सेबी ऐसे लोगों को शेयर बाजार से बैन भी कर रहा है।
नए और नौजवान निवेशकों को सलाह देते हुए सेबी अध्यक्ष ने कहा कि अगर आप कॉन्सेप्ट समझ लें, तो निवेश करना काफी आसान है। लेकिन कुछ भी समझे बिना किसी भी शेयर में आंख मूंदकर पैसा लगाना बिल्कुल गलत तरीका है। उन्होंने कहा कि सबको हमारा यही संदेश है: पहले सीखो, फिर निवेश करो।