10-12 साल में 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर, विश्व बैंक रिपोर्ट का हवाला देकर बोले मोदी
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विश्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत में 50 करोड़ लोगों ने भीषण गरीबी को पीछे छोड़ा। उन्होंने दिवाली पर किसानों और गांव के ज़रूरतमंद परिवारों को न भूलने की अपील भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया है कि भारत ने आर्थिक मोर्चे पर ऐतिहासिक तरक्की की है। उनके मुताबिक देश में सिर्फ 10 से 12 साल के अरसे में 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर निकल आए हैं। मोदी ने कहा कि यह अहम बात विश्व बैंक (World Bank) की ताज़ा रिपोर्ट से सामने आई है।
प्रधानमंत्री ने साफ किया कि देश में गरीबी घट रही है और मध्यम वर्ग बढ़ रहा है। इसी वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था नई ऊंचाई की तरफ जा रही है, यह उनका कहना था।
देश की आर्थिक तरक्की पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि बढ़ता मध्यम वर्ग लोगों की खरीदने की ताकत (Purchasing Power) बढ़ा रहा है। इसका असर यह है कि छोटी-बड़ी दुकानों से लेकर सीधे बड़े कारखानों तक रोज़गार और कारोबार के नए मौके बन रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक गरीबी का अनुपात कम होने से देश की अंदरूनी अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व रफ्तार मिली है।
विकसित भारत (Viksit Bharat) के निर्माण में किसान को रीढ़ बताते हुए प्रधानमंत्री ने खेती-किसानी की अहमियत पर ज़ोर दिया। साथ ही उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि इस वक्त महाराष्ट्र में खराब मौसम की वजह से किसानों को बड़ी मुश्किलों से गुज़रना पड़ रहा है।
मोदी ने भरोसा दिलाया कि इस कठिन घड़ी में एनडीए सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ महाराष्ट्र के किसानों के साथ मज़बूती से खड़ी है।
त्योहारों का मौसम चल रहा है, और इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहार मनाते वक्त लोग सूखे से प्रभावित किसानों और गांव के ज़रूरतमंद परिवारों को न भूलें।
मोदी ने कहा कि इस संकट के दौर में हर घर तक दिवाली की मिठास, खुशहाली और खुशी पहुंचनी चाहिए। उन्होंने सभी से एक साथ आकर इस प्राकृतिक संकट का सामना करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने यकीन जताया कि सबकी मिली-जुली कोशिशों से ही इस संकट पर जीत हासिल की जा सकती है।
इस तरह प्रधानमंत्री का संदेश दो हिस्सों में रहा। एक तरफ उन्होंने गरीबी घटने और मध्यम वर्ग के बढ़ने को देश की आर्थिक कामयाबी बताया, दूसरी तरफ मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और आम लोगों से मदद के लिए आगे आने को कहा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।