इंडिगो वित्त वर्ष 2026-2027 में 1000 पायलट रखेगी, FDTL नियमों की तैयारी
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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस वित्त वर्ष में 1000 पायलटों की भर्ती करेगी। सूत्रों के मुताबिक किसी भारतीय एयरलाइन की एक साल की यह सबसे बड़ी भर्ती होगी।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बड़ी भर्ती का ऐलान किया है। आर्थिक वर्ष 2026-2027 में कंपनी करीब 1000 पायलट रखने वाली है। मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक किसी भी भारतीय एयरलाइन की एक साल में की गई यह अब तक की सबसे बड़ी भर्ती होगी।
इस आंकड़े का एक हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है। इंडिगो इस साल के पहले छह महीनों में 600 पायलट भर्ती कर चुकी है। अगले साल मार्च के आखिर तक कम से कम 400 और पायलट रखे जाएंगे।
कंपनी के पास 31 मार्च 2026 तक 5,700 पायलट थे। सितंबर के आखिर तक यह संख्या बढ़कर 6,300 हो गई थी।
इस फैसले की जड़ पिछले साल की गड़बड़ी में है। दिसंबर 2025 में इंडिगो को FDTL नियमों का पालन करने की कोशिश में भारतीय विमानन इतिहास के सबसे बड़े शेड्यूल संकट से गुजरना पड़ा। 2 से 15 दिसंबर के बीच करीब 4,500 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। देश भर के एयरपोर्ट पर 10 लाख से ज्यादा यात्री फंस गए। अचानक उड़ानें रद्द होने से हवाई टिकट के दाम आसमान छूने लगे, तब सरकार को दखल देकर किराये पर सीमा लगानी पड़ी। उस वक्त एयरलाइन ने ज्यादा पायलट रखने का वादा किया था, और अब वह उसी सबक के बाद यह कदम उठा रही है।
FDTL यानी फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के तहत मिली छूट अगले साल मार्च में खत्म हो रही है। इंडिगो के सीईओ विली वॉल्श ने सोमवार को अपनी पहली मीडिया बातचीत में कहा कि एयरलाइन के पास शेड्यूल पूरा करने के लिए काफी पायलट होंगे। उनके शब्द थे, "हमें विश्वास है कि हम FDTL नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे।"
नागरी विमानन महानिदेशालय यानी DGCA के नए नियमों में पायलटों के आराम के घंटे बढ़ाए गए हैं। इसका मतलब है कि हर विमान के लिए पहले से ज्यादा पायलट चाहिए। स्टाफ में जुड़े 600 नए पायलटों की वजह से इंडिगो को अपने 380 से ज्यादा विमानों का बेड़ा बिना किसी रुकावट के चलाने में मदद मिल रही है।
नए नियमों के तहत भारत ने पायलटों का साप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया है। देश का हवाई क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ चलने की कोशिश में है। अमेरिका की FAA या यूरोप की EASA के मुकाबले भारत के नियम पुराने पड़ चुके थे, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की रैंकिंग न गिरे, इसलिए यह बदलाव किया गया। यह दुनिया के सबसे सख्त और सुरक्षित आराम नियमों में गिना जाता है।
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