ठेकेदार से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार मुख्य अभियंता प्रमोद ओंभासे येरवडा जेल भेजे गए
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पिंपरी-चिंचवड महापालिका के मुख्य अभियंता प्रमोद ओंभासे को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। उन पर ठेकेदार से रिश्वत लेने का आरोप है, जो अभी साबित नहीं हुआ है।
पिंपरी: पिंपरी-चिंचवड महापालिका के मुख्य अभियंता प्रमोद ओंभासे को एक ठेकेदार से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अब उन्हें येरवडा जेल भेज दिया गया है। एक दिन की पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। यह जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो के पुलिस उपअधीक्षक सतीश वाळके ने दी।
मामला महापालिका में ठेकेदार के कामों से जुड़ा है। आरोप है कि ठेकेदार के कामों की फाइलों पर दस्तखत करने और उसके बिलों की प्रक्रिया के लिए ओंभासे ने रिश्वत की मांग की थी। बताया गया है कि शुरुआत में 45 हजार 785 रुपये मांगे गए थे। उसके बाद बात बनी और रकम पर समझौता हुआ। संबंधित ठेकेदार ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत की थी कि ओंभासे ने 19 हजार रुपये स्वीकार किए। यानी यह ठेकेदार की शिकायत है, और ओंभासे पर लगा आरोप है।
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने पहले उसकी जांच-पड़ताल की। जब शिकायत की पुष्टि हो गई, तब ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाकर ओंभासे पर कार्रवाई की। उन्हें गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया। उस वक्त जांच के लिए कोर्ट ने उन्हें एक दिन की पुलिस कस्टडी में देना मंजूर किया था।
पुलिस कस्टडी की मियाद खत्म होने पर ओंभासे को दोबारा कोर्ट के सामने लाया गया। इस बार कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसी आदेश के बाद उन्हें येरवडा जेल ले जाया गया।
महापालिका के इतने वरिष्ठ पद पर बैठे अधिकारी पर यह कार्रवाई हुई है, इसलिए प्रशासन के गलियारों में इसकी खूब चर्चा हो रही है। फिर भी यह साफ है कि ओंभासे पर लगे आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। इस मामले की आगे की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो कर रहा है।
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