कृषि उप निदेशक किरण जाधव और पत्नी पर आय से अधिक 4.37 करोड़ की संपत्ति का केस
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पुणे एसीबी ने बंड गार्डन पुलिस स्टेशन में कृषि विभाग के उप निदेशक किरण श्यामराव जाधव और उनकी पत्नी संगीता जाधव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।
पुणे एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कृषि विभाग के उप निदेशक किरण श्यामराव जाधव और उनकी पत्नी संगीता किरण जाधव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इस दंपती ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से 128 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति जमा की।
एसीबी की शिकायत के मुताबिक कथित तौर पर आय से अधिक इस संपत्ति की कीमत 4,37,74,930 रुपये आंकी गई है, यानी 4.37 करोड़ रुपये से ऊपर। मामला बंड गार्डन पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ। इससे पहले एसीबी ने दंपती की आमदनी, प्रॉपर्टी और पैसों के लेनदेन की खुली जांच की थी।
किरण जाधव फिलहाल सोलापुर में उप निदेशक और कृषि तकनीक प्रबंधन एजेंसी (ATMA) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं। दंपती पुणे के शिवाजीनगर इलाके में कुंदन पार्क में रहता है।
इस मामले में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात उसका लंबा दायरा है। एसीबी ने 4 जून 1994 से 2 दिसंबर 2025 तक, यानी 31 साल से ज्यादा के वक्त में दंपती की संपत्ति और कमाई को खंगाला। आरोप है कि जांच में 4.37 करोड़ रुपये से अधिक की ऐसी संपत्ति सामने आई, जिसका हिसाब उनकी ज्ञात आय से नहीं मिलता।
एजेंसी को शक है कि यह संपत्ति भ्रष्ट तरीकों से जमा की गई। किरण जाधव की पत्नी का नाम भी केस में है। उन पर आरोप है कि उन्होंने आय से अधिक संपत्ति जमा करने में मदद की।
यह केस ऐसे वक्त आया है जब अप्रैल 2025 में भाजपा विधायक सुरेश धस ने कृषि विभाग में गड़बड़ियों और आर्थिक अनियमितता के आरोप उठाए थे। उनके आरोपों के बाद विभाग के कामकाज और लाइसेंस से जुड़े कुछ लेनदेन पर सवाल खड़े हुए थे।
इस मामले को संज्ञान में लेते हुए एसीबी के महानिदेशक ने 2 दिसंबर 2025 को जाधव की संपत्ति और पैसों के लेनदेन की खुली जांच के आदेश दिए। इसके बाद एजेंसी ने तय अवधि में अधिकारी और उनकी पत्नी की आमदनी, खर्च, निवेश और संपत्ति की पड़ताल की और फिर अपराध दर्ज किया।
शिकायत बंड गार्डन पुलिस स्टेशन में अपर पुलिस अधीक्षक अजित पाटील ने दर्ज कराई। आगे की जांच अपर पुलिस अधीक्षक अर्जुन भोसले को सौंपी गई है। यह जांच पुलिस अधीक्षक शिरीष सरदेशपांडे के मार्गदर्शन में होगी।
केस दर्ज होने के बाद एसीबी अब यह खंगालेगी कि दंपती की संपत्ति के स्रोत क्या थे, पैसों का लेनदेन कैसे हुआ और कथित तौर पर आय से अधिक यह दौलत किन हालात में जमा हुई। जाधव की पत्नी की कथित भूमिका की भी जांच की जाएगी।
इस केस से कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा फिर चर्चा में है। जांच करने वालों को अब 4.37 करोड़ रुपये से ज्यादा की इस संपत्ति के पीछे का पूरा आर्थिक सिलसिला साबित करना होगा।
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