लंदन से MBA करने गई 34 साल की मुग्धा देशमुख पुणे के बंद फ्लैट में मृत मिली
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
छत्रपति संभाजीनगर की मुग्धा देशमुख का शव गहुंजे की लोढा बेलमोंडो सोसायटी के बंद फ्लैट में सड़ी हालत में मिला। मौत की असली वजह जांच के बाद ही साफ होगी।
छत्रपति संभाजीनगर की रहने वाली 34 साल की मुग्धा अविनाश देशमुख का शव पिंपरी-चिंचवड के पास गहुंजे की लोढा बेलमोंडो सोसायटी के एक बंद फ्लैट में सड़ी हुई हालत में मिला। मुग्धा जुलाई 2025 में लंदन MBA की पढ़ाई के लिए गई थी। इस खबर से इलाके में हड़कंप मच गया है।
लंदन जाने के बाद मुग्धा रोज घरवालों से बात करती थी। 23 अक्टूबर 2026 की रात भी उसकी मां से रोज की तरह बात हुई। उसने कहा कि वह जल्दी में है, उसे जॉब इंटरव्यू देना है, इसलिए अभी फोन रखती है। यह मां से उसकी आखिरी बातचीत साबित हुई। अगले दिन उसने मां, पिता, भाई, बहन, रिश्तेदारों और दोस्तों, किसी का फोन नहीं उठाया। थोड़ी देर बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया।
परिवार ने लंदन में रहने वाली उसकी एक सहेली के जरिए पूछताछ की। तब चौंकाने वाली बात सामने आई कि मुग्धा अगस्त के आखिर में ही लंदन छोड़ चुकी थी। भारतीय उच्चायोग से परिवार को कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद माता-पिता ने उसके बैंक खातों का लेन-देन देखा। उससे पता चला कि भारत में जोमैटो, ब्लिंकिट और स्विगी जैसे ऐप्स पर उसका क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल हुआ था। यानी वह भारत में ही थी।
माता-पिता 27 अक्टूबर को छत्रपति संभाजीनगर के उस्मानपुरा पुलिस स्टेशन पहुंचे और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पूरा घटनाक्रम और बैंक खातों की जानकारी पुलिस को दी। इसी के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच की और मुग्धा की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन पुणे से सटे गहुंजे की लोढा सोसायटी की निकली। छत्रपति संभाजीनगर की पुलिस माता-पिता को साथ लेकर पुणे पहुंची।
पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय के शिरगांव पुलिस को इसकी खबर दी गई। रात करीब 11 बजे पुलिस माता-पिता के साथ सोसायटी पहुंची। फ्लैट अंदर से बंद था, इसलिए डुप्लीकेट चाबी बनाने के लिए चाबी बनाने वाले को बुलाया गया। दरवाजा खुलते ही बदबू आई। अंदर बेड पर एक करवट मुग्धा का सड़ा हुआ शव पड़ा था। माता-पिता के लिए यह सबसे बड़ा सदमा था।
जांच में पता चला कि मुग्धा ने यह फ्लैट अप्रैल 2026 में किराए पर लिया था। फ्लैट के मालिक से किराए का एग्रीमेंट भी मिल गया है। वह यहां अकेली रहती थी और इस सोसायटी में बाहर के आदमी को आसानी से एंट्री नहीं मिलती। सिक्योरिटी गार्ड और पड़ोसियों से पूछने पर ऐसा कुछ नहीं मिला कि उससे कोई मिलने आता था। उसकी फोन हिस्ट्री में भी वह ज्यादा लोगों के संपर्क में नहीं दिखी। घर की तलाशी में भी कुछ संदिग्ध नहीं मिला।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कोई चोट नहीं दिखी। फिर भी एहतियात के तौर पर विसरा रख लिया गया है। प्राथमिक अंदाजा लगाया जा रहा है कि मुग्धा की मौत अटैक से हुई होगी।
शिरगांव पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर देवेंद्र चव्हाण ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल के तकनीकी विश्लेषण के बाद ही मौत की असली वजह साफ होगी। उन्होंने कहा कि शिरगांव पुलिस सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर आगे की जांच कर रही है। इस घटना से देशमुख परिवार सदमे में है।
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